बागपत में किसान कारवां के 71वें पड़ाव में जुटे किसान, वैज्ञानिकों ने दी खेती-पशुपालन और पोषण से जुड़ी अहम सलाह

बागपत में किसान कारवां के 71वें पड़ाव में जुटे किसान, वैज्ञानिकों ने दी खेती-पशुपालन और पोषण से जुड़ी अहम सलाह

बागपत के खेकड़ा में आयोजित किसान कारवां के 71वें पड़ाव में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया, जहां वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने खेती, पशुपालन और पोषण से जुड़ी नई तकनीकों व योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर समाधान भी प्राप्त किए.

Kisan Karwan BaghpatKisan Karwan Baghpat
धर्मेंद्र सिंह
  • बागपत,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 7:11 PM IST

उत्‍तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्‍त पहल के तहत बागपत जनपद के खेकड़ा में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जो प्रदेश के 75 जिलों की विशेष कवरेज में 71वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया. इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, वहीं पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को अपनी योजनाओं और उनसे होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराया. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती की नई विधियों और तकनीकों से परिचित कराया, जिससे उनकी आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकें. कार्यक्रम में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां उन्होंने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए.

धान की नर्सरी के लिए वैज्ञानिक तरीका

पहले चरण में कृषि विज्ञान केंद्र बागपत के वैज्ञानिक डॉ. विवेक राज ने बताया कि खरीफ सीजन नजदीक है और जिले में बासमती धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि धान की नर्सरी लगाने से पहले बीज उपचार अवश्य करें. उपचारित बीज को पानी से ढककर रखें, ताकि गर्मी का असर कम हो और अंकुरण बेहतर हो. सही बीज चयन और वैज्ञानिक विधि से नर्सरी तैयार करने पर उत्पादन में वृद्धि होगी.

फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य

दूसरे चरण में कृषि विभाग की निदेशक डॉ. विभाती चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार फार्मर रजिस्ट्री अभियान चला रही है. भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने रजिस्ट्री कराई होगी.

गन्ना किसानों के लिए नई तकनीक

तीसरे चरण में सुकून फाउंडेशन के आमोद जैन ने बताया कि उन्होंने गन्ना किसानों के लिए नई तकनीकों का विकास किया है, जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है. उनका फाउंडेशन किसानों के साथ लगातार काम कर रहा है.

बागवानी से बढ़ाएं आमदनी

चौथे चरण में उद्यान वैज्ञानिक डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि आज के समय में बागवानी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प है. मई महीने में गड्ढे खोदकर उनमें गोबर की खाद और फंगीसाइड डाल दें. बारिश शुरू होने पर पौधारोपण करें, जिससे पौधों की बेहतर वृद्धि होगी.

गन्ने की उन्नत किस्म अपनाएं

पांचवें चरण में पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ. विकास कुमार ने बताया कि बागपत में गन्ने की खेती बड़े स्तर पर होती है. उन्होंने बड चिप नर्सरी तकनीक अपनाने की सलाह दी. साथ ही चेतावनी दी कि 0238 वैरायटी रेड रॉट बीमारी से प्रभावित है और उस पर रोक लग चुकी है, इसलिए किसान उन्नत और सुरक्षित किस्मों का ही चयन करें.

पोषणयुक्त आहार पर जोर

छठे चरण में गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अनीता यादव ने कहा कि संतुलित आहार में दालों के साथ रंग-बिरंगी सब्जियों का होना जरूरी है. किसानों को अपने घर के लिए विविध सब्जियों की खेती करनी चाहिए. महिलाओं के लिए आयरन और जिंक युक्त भोजन विशेष रूप से जरूरी है.

कीट एवं रोग प्रबंधन

सातवें चरण में पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. शिवम सिंह ने धान और खरीफ फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में जानकारी दी. उन्होंने सलाह दी कि किसान बिना विशेषज्ञ सलाह के दवाओं का प्रयोग न करें और कृषि विज्ञान केंद्र या विभाग से मार्गदर्शन लें.

पशुपालन में संतुलित आहार जरूरी

आठवें चरण में पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पशुओं को संतुलित आहार देना जरूरी है. 3 लीटर दूध देने वाली गाय को 1 किलो पोषणयुक्त आहार और भैंस को 2.5 लीटर दूध पर 1 किलो आहार देना चाहिए. साथ ही हरा चारा और मिनरल मिक्स भी जरूरी है.

इफको एमसी उत्पादों पर भरोसा

नौवें चरण इफको एमसी के मंडल प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि उनके उत्पाद गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं और एमआरपी पर ही उपलब्ध होते हैं. ₹15,000 तक की खरीद पर किसानों को ₹1 लाख तक का बीमा भी दिया जाता है.

किसानों के लिए उपयोगी पहल

दसवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र बागपत के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि किसान कारवां किसानों को नई तकनीक और जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है.

लकी ड्रॉ में किसानों को पुरस्कार

कार्यक्रम के ग्यारहवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 किसानों को ₹500 के पुरस्कार दिए गए. पहला पुरस्कार हिना खान और दूसरा राम लखन ने जीता.

MORE NEWS

Read more!