देशभर में इन दिनों खरीफ सीजन में यूरिया, डीएपी औश्र अन्य खादों की मांग बनी हुई है. मक्का और कुछ अन्य फसलों का रकबा बढ़ने से यूरिया की मांग बढ़ गई है. वहीं, किसान डीएपी की भी डिमांड कर रहे हैं. लेकिन इसके साथ ही बाजार में नकली खाद ने भी किसानों की समस्या बढ़ा रखी है. हालांकि, सरकार के निर्देश पर लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है. इस बीच, शनिवार को उत्तर प्रदेश के औरैया में नकली खाद की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां काफी मात्रा में नकली खाद और कच्चा माल पकड़ाया है. जानिए पूरा मामला…
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने कार्रवाई करते हुए खाद के गोदाम पर छापेमारी की और मौके से सैकड़ों (करीब एक हजार ) बोरी माल बरामद किया, जिससे नकली डीएपी बनाया जाता है. टीम ने नकली खाद और कच्चे माल के साथ कुछ लोगों को भी पकड़ा, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है. औरैया राजस्व विभाग और पुलिस की एसओजी टीम को यह बड़ी सफलता मिली है. मामला औरैया सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां नकली खाद की फैक्ट्री चल रही थी.
बताया गया कि पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर केस दर्ज किया है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, अवैध खाद बनाने का काम कई जिलों में चल रहा है, जिससे करोड़ों रुपये का नकली कारोबार पनप रहा है. टीम ने नकली खाद, कच्चे माल के अलावा घटनास्थल से एक पिकअप वाहन भी बरामद किया है. इसके लेकर जिला अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने पूरी जानकारी दी कि आखिर कैसे यह नकली खाद फैक्ट्री पकड़ी गई.
जिला अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सूत्रों के माध्यम से जानकारी सामने आई थी कि एक गैंग है, जो नकली खाद बनाने का काम कर रही है. इस इनपुट पर गैंग को ट्रैक किया गया. पुलिस की तरफ से और प्रशासन की तरफ से शुक्रवार को एक खाद की पिकअप गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसके पास कोई कागजात नहीं थे और न ही बिल थे. उसको प्रथम दृष्टया देखने पर ही लग रहा था कि उसमें नकली खाद थी.
फिर इसकी जांच जिला कृषि अधिकारी से करवाई गई, जिसमें खाद नकली पायी गई और आरोपी ड्राइवर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. जांच के क्रम में ड्राइवर से फैक्ट्री के बारे में पूछताछ की गई तो उसने एड्रेस बताया और उस गोदाम को ट्रैक किया गया.
छापेमारी के दौरान यह पाया गया कि वहां एक घर में बोरियों में नकली डीएपी और एनपीके खाद बनाई जा रही थी. साथ में इसका कच्चा मटिरियल भी मिला. इन सभी की सैंपलिंग की गई और कार्रवाई के क्रम में केस दर्ज करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जो इस धंधे में जो संलिप्त हैं. पकड़ी गई नकली खाद और कच्चे माल की कीमत 20 से 25 लाख रुपये तक होने का अनुमान है. (सूर्या शर्मा की रिपोर्ट)