Seeds Bill 2026 को लेकर सरकार की तैयारी पूरी, Budget में पेश होगा बिल!

Seeds Bill 2026 को लेकर सरकार की तैयारी पूरी, Budget में पेश होगा बिल!

सरकार ने सीड्स बिल 2026 (Seeds Bill, 2026) को अंतिम रूप दे दिया है और आगामी बजट सत्र के दौरान इसे लोकसभा में पेश करने के लिए उत्सुक है. बता दें कि इस बिल को लेकर किसान संगठनों ने विरोध किया है.

सीड्स बिल 2026सीड्स बिल 2026
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Jan 12, 2026,
  • Updated Jan 12, 2026, 1:10 PM IST

सरकार की नीयत साफ है, नकली बीजों का सफाया करना, इस बीच माना जा रहा है कि सरकार ने सीड्स बिल 2026 (Seeds Bill, 2026) को अंतिम रूप दे दिया है और आगामी बजट सत्र के दौरान इसे लोकसभा में पेश करने के लिए उत्सुक है. दरअसल, सीड्स बिल को 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने वाले बजट सत्र में लोकसभा में पेश किया जा सकता है. नवंबर 2025 में सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किए गए ड्राफ्ट में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है. इसको लेकर कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस बिल को लेकर 600 से ज्यादा आपत्तियां आईं थीं, जिसे एड्रेस किया जा चुका है.  

इस एक्ट की जगह लेगा ये बिल

यह विधेयक सीड्स एक्ट, 1966 की जगह लेगा, जो 1968-69 में लागू हुआ था और आखिरी बार 1972 में संशोधित किया गया था. इसके बाद केवल सीड कंट्रोल ऑर्डर के जरिए आंशिक बदलाव किए जाते रहे. कृषि मंत्री द्वारा घोषित किए गए बीज विधेयक को पिछले संसदीय सत्र में पेश किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. सरकार ने कहा था, “विधेयक का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध बीजों और रोपण सामग्री की क्वालिटी को विनियमित करना, किसानों को किफायती दरों पर उच्च क्वालिटी वाले बीज उपलब्ध कराना, नकली और घटिया क्वालिटी वाले बीजों की बिक्री पर अंकुश लगाना, किसानों को नुकसान से बचाना, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक किस्मों तक पहुंच तय करने के लिए बीज आयात को उदार बनाना और बीज आपूर्ति श्रृंखलाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करते हुए किसानों के अधिकारों की रक्षा करना है.”

क्या है सीड्स बिल का मकसद?

  • सरकार के मुताबिक, ये बिल बाजार में बिकने वाले बीजों और रोपण सामग्री की क्वालिटी को नियंत्रित करेगा.
  • किसानों को सस्ते दामों पर बेहतर क्वालिटी वाले बीज उपलब्ध कराने में मदद करेगा.
  • नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर रोक लगाएगा.
  • किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जवाबदेही तय करेगा.
  • बीज आयात को आसान बनाकर नवाचार और वैश्विक किस्मों तक पहुंच बढ़ेगी.

जुर्माने और अपराध की श्रेणियां

  • बिल में नकली या घटिया बीज बेचने को अपराध माना गया है.
  • मामूली उल्लंघन पर न्यूनतम 50,000 रुपये तक का जुर्माना है.
  • गंभीर और बार-बार अपराध पर अधिकतम 30 लाख रुपये तक का दंड होगा.

किसान संगठनों का विरोध

किसान संघों ने बिल की आलोचना की है. ड्राफ्ट बिल की आलोचना करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आरोप लगाया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी बीज या पौधा बाजार में नहीं बेचा जा सकता है. . बिना रजिस्ट्रेशन के बेचने पर लंबी जेल और भारी जुर्माना लगेगा. किसानों को खाद्य सुरक्षा के हिसाब से समय पर अच्छी पैदावार वाले सस्ते बीज चाहिए. इन तीनों में से किसी भी बात का बिल में ज़िक्र नहीं है. इसके अलावा, इसमें कहा गया है कि विदेशी देशों से बीजों के आयात को छूट दी जाएगी और भारत में उनकी क्वालिटी की कोई टेस्टिंग नहीं होगी, सरकार बीजों की कीमतों को नियंत्रित नहीं करेगी. ऐसे में SKM ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया है.

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