
भारत और जापान ने ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं. इसी क्रम में दोनों देशों ने इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि इस पहल के तहत भारत में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर (जैविक खाद) प्लांट लगाने में सहयोग किया जाएगा. इस पहल से भारत की गोवर्धन पहल को और मजबूती मिलेगी. इसके जरिए गांवों में स्थिरता, समृद्धि और ग्रामीण आजीविका को नई शक्ति मिलेगी. उन्होंने कहा कि भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा को साझा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन को साझा अवसर के रूप में देखते हैं और इसी दिशा में मिलकर आगे बढ़ेंगे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के अनिश्चितता भरे दौर में भारत और जापान दोनों आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं. इसी दिशा में दोनों देशों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए संयुक्त रोडमैप तैयार किया है. इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मैटेरियल जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन रेजिलिएंस को मजबूत करने पर मिलकर काम किया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आने वाले झटकों जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए दोनों देशों ने एनर्जी रेजिलिएंस पर भी महत्वपूर्ण पहल की है. इसके साथ ही बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि यह सहयोग विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान की टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप दोनों देशों के सहयोग का मजबूत स्तंभ बनेगी. AI के क्षेत्र में दोनों देशों ने संयुक्त वक्तव्य जारी किया है और भारतीय AI संस्थानों ने अपने जापानी साझेदारों के साथ कई समझौते किए हैं. इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने पहले सह-विकास (को-डेवलपमेंट) प्रोजेक्ट पर समझौता किया है. नेवल रेडियो एंटीना परियोजना दोनों देशों की रक्षा प्रौद्योगिकी साझेदारी का नया अध्याय होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक क्षेत्र में हुए समझौते वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में योगदान देंगे. वहीं पिछले एक वर्ष में भारत और जापान के बीच 100 से अधिक नए कारोबारी समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश आएगा. दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश और जापान की कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य भी रखा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव है. इसी को आगे बढ़ाने के लिए टैलेंट मोबिलिटी, कौशल विकास, तकनीकी इंटर्नशिप, शिक्षा, शोध और स्टार्टअप सहयोग का दायरा बढ़ाया जाएगा. साथ ही अगले वर्ष भारत और जापान अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जिसके तहत संस्कृति, पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था से जुड़े सहयोग को भी आगे बढ़ाया जाएगा.