
केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रमुख खादों की उपलब्धता संतोषजनक बनी हुई है. खरीफ 2026 सीजन के दौरान किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने कहा है कि 1 अक्टूबर 2026 तक खादों की उपलब्धता मांग के मुकाबले आरामदायक स्थिति में है.
UPAg की ताजा रिपोर्ट के अनुसार खरीफ 2026 सीजन में कुल खाद की जरूरत 383.92 लाख मीट्रिक टन (LMT) आंकी गई थी. इसके मुकाबले 1 अक्टूबर 2026 तक 499.89 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध रही. इस अवधि में कुल बिक्री 332.92 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई, जबकि 166.97 लाख मीट्रिक टन का समापन स्टॉक (Closing Stock) बचा हुआ है.
देश में सबसे अधिक उपलब्धता यूरिया की दर्ज की गई है. 1 अक्टूबर 2026 तक यूरिया की उपलब्धता 251.89 लाख मीट्रिक टन रही. इसमें से 183.54 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई, जबकि 68.35 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा है. खरीफ सीजन में यूरिया की कुल आवश्यकता 190.32 लाख मीट्रिक टन आंकी गई थी.
डीएपी (DAP) की कुल जरूरत 56.23 लाख मीट्रिक टन रही. इसके मुकाबले 70.45 लाख मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई. किसानों को 47.17 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई और 23.28 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा हुआ है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खरीफ 2026 के लिए डीएपी का शुरुआती स्टॉक खरीफ 2025 की तुलना में 11.78 लाख मीट्रिक टन अधिक था, जिससे आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी रही.
एनपीके खाद की उपलब्धता 108.85 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 64.33 लाख मीट्रिक टन की बिक्री के बाद 44.52 लाख मीट्रिक टन स्टॉक बचा हुआ है.
इसी तरह एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) की उपलब्धता 19.83 लाख मीट्रिक टन रही. इसमें से 9.59 लाख मीट्रिक टन बिक्री हुई और 10.23 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद है.
एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) की उपलब्धता 48.87 लाख मीट्रिक टन रही. बिक्री 28.29 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई और 20.58 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक शेष रहा.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक यूरिया (251.89 LMT), डीएपी (70.45 LMT), एमओपी (19.83 LMT), एनपीके (108.85 LMT) और एसएसपी (48.87 LMT) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. ऐसे में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को खाद की कमी का सामना करने की संभावना कम दिखाई देती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त स्टॉक रहने से बाजार में आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. सरकार भी लगातार राज्यों के साथ तालमेल बनाकर खाद वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है.
सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल खादों की स्थिति बेहतर है और किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है.