देश में खादों का पर्याप्त भंडार, किसानों के लिए राहत... यूरिया से DAP तक स्टॉक मजबूत

देश में खादों का पर्याप्त भंडार, किसानों के लिए राहत... यूरिया से DAP तक स्टॉक मजबूत

सरकार की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी समेत सभी प्रमुख खादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. 1 अक्टूबर 2026 तक कुल 166.97 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडार मौजूद है, जिससे किसानों को आगामी सीजन में खाद की कमी की चिंता नहीं रहेगी.

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क‍िसान तक
  • नई दिल्ली,
  • Oct 22, 2026,
  • Updated Oct 22, 2026, 1:15 PM IST

केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रमुख खादों की उपलब्धता संतोषजनक बनी हुई है. खरीफ 2026 सीजन के दौरान किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने कहा है कि 1 अक्टूबर 2026 तक खादों की उपलब्धता मांग के मुकाबले आरामदायक स्थिति में है.

UPAg की ताजा रिपोर्ट के अनुसार खरीफ 2026 सीजन में कुल खाद की जरूरत 383.92 लाख मीट्रिक टन (LMT) आंकी गई थी. इसके मुकाबले 1 अक्टूबर 2026 तक 499.89 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध रही. इस अवधि में कुल बिक्री 332.92 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई, जबकि 166.97 लाख मीट्रिक टन का समापन स्टॉक (Closing Stock) बचा हुआ है.

यूरिया का सबसे बड़ा भंडार

देश में सबसे अधिक उपलब्धता यूरिया की दर्ज की गई है. 1 अक्टूबर 2026 तक यूरिया की उपलब्धता 251.89 लाख मीट्रिक टन रही. इसमें से 183.54 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई, जबकि 68.35 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा है. खरीफ सीजन में यूरिया की कुल आवश्यकता 190.32 लाख मीट्रिक टन आंकी गई थी.

DAP की स्थिति भी मजबूत

डीएपी (DAP) की कुल जरूरत 56.23 लाख मीट्रिक टन रही. इसके मुकाबले 70.45 लाख मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई. किसानों को 47.17 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई और 23.28 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा हुआ है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खरीफ 2026 के लिए डीएपी का शुरुआती स्टॉक खरीफ 2025 की तुलना में 11.78 लाख मीट्रिक टन अधिक था, जिससे आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी रही.

एनपीके, एमओपी और एसएसपी का भी पर्याप्त स्टॉक

एनपीके खाद की उपलब्धता 108.85 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 64.33 लाख मीट्रिक टन की बिक्री के बाद 44.52 लाख मीट्रिक टन स्टॉक बचा हुआ है.

इसी तरह एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) की उपलब्धता 19.83 लाख मीट्रिक टन रही. इसमें से 9.59 लाख मीट्रिक टन बिक्री हुई और 10.23 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद है.

एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) की उपलब्धता 48.87 लाख मीट्रिक टन रही. बिक्री 28.29 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई और 20.58 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक शेष रहा.

किसानों को नहीं होगी खाद की कमी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 तक यूरिया (251.89 LMT), डीएपी (70.45 LMT), एमओपी (19.83 LMT), एनपीके (108.85 LMT) और एसएसपी (48.87 LMT) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. ऐसे में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को खाद की कमी का सामना करने की संभावना कम दिखाई देती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त स्टॉक रहने से बाजार में आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. सरकार भी लगातार राज्यों के साथ तालमेल बनाकर खाद वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है.

प्रमुख खादों का स्टॉक (1 अक्टूबर 2026 तक)

  • यूरिया: 68.35 लाख मीट्रिक टन
  • DAP: 23.28 लाख मीट्रिक टन
  • MOP: 10.23 लाख मीट्रिक टन
  • NPK: 44.52 लाख मीट्रिक टन
  • SSP: 20.58 लाख मीट्रिक टन
  • कुल उपलब्ध स्टॉक: 166.97 लाख मीट्रिक टन

सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल खादों की स्थिति बेहतर है और किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है.

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