CM फडणवीस बोले- महाराष्‍ट्र खेती में AI को दे रहा बढ़ावा, वैश्विक निवेशकों से साझेदारी का किया आह्वान

CM फडणवीस बोले- महाराष्‍ट्र खेती में AI को दे रहा बढ़ावा, वैश्विक निवेशकों से साझेदारी का किया आह्वान

महाराष्ट्र सरकार खेती में AI को नई ताकत देने की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में AI आधारित सलाह, डेटा सिस्टम और ट्रेसबिलिटी से किसानों की आय और खेती की स्थिरता मजबूत होगी. इसके लिए उन्‍होंने वैश्विक निवेशकों को साझेदारी का न्योता दिया.

AI Impact Summit Devendra FadnavisAI Impact Summit Devendra Fadnavis
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 20, 2026,
  • Updated Feb 20, 2026, 5:19 PM IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आने वाले समय में खेती की सबसे बड़ी ताकत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनने जा रही है. इसी सोच के साथ महाराष्ट्र सरकार खेती में AI आधारित तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाने और उन्हें जमीन तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है. उन्होंने दुनियाभर के निवेशकों से अपील की कि वे इस पहल में महाराष्ट्र के साथ भागीदार बनें. नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे मजबूत एग्री-इनोवेशन इकोसिस्टम में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है. 

महाराष्‍ट्र में 150 लाख हेक्‍टेयर कृषि‍ भूमि: सीएम

सीएम ने कहा कि महाराष्‍ट्र ने ऐसा मॉडल अपनाया है जिसमें तकनीक, नीति, स्टार्टअप और निवेश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. महाराष्ट्र के पास करीब 150 लाख हेक्टेयर खेती योग्य जमीन है. यहां अलग-अलग तरह की जलवायु परिस्थितियां हैं, जिससे कई तरह की फसलें उगाई जाती हैं. राज्य में अच्छे कृषि विश्वविद्यालय, AI रिसर्च सेंटर और तेजी से बढ़ता एग्रीटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मौजूद है. इसके अलावा निवेशकों के लिए स्पष्ट नियम, आसान प्रक्रियाएं और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधाएं भी हैं.

सीएम ने की निवेश और साझेदारी करने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि वेंचर कैपिटल फंड, इम्पैक्ट इन्वेस्टर, विकास बैंक, बड़ी कंपनियां और सामाजिक संस्थाएं मिलकर महाराष्ट्र में खेती से जुड़ी AI तकनीकों को आगे बढ़ाएं. इस साझेदारी के जरिए किसानों के लिए AI आधारित सलाहकार प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे, फसल और उत्पादों की ट्रेसबिलिटी के लिए डिजिटल सिस्टम विकसित होंगे और नए एग्रीटेक स्टार्टअप्स को समर्थन मिलेगा. साथ ही ग्रामीण इलाकों में, खासकर महिला किसानों के बीच, डिजिटल समझ बढ़ाने पर भी जोर रहेगा.

सिर्फ महाराष्‍ट्र तक सीम‍ित नहीं रहेगा निवेश: फडणवीस

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में निवेश करने का मतलब केवल एक राज्य तक सीमित रहना नहीं है. यहां जो तकनीक और मॉडल तैयार होंगे, उन्हें देश और दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी लागू किया जा सकेगा. इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, किसानों की आमदनी बढ़ेगी और जलवायु बदलाव से निपटने में मदद मिलेगी.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही AI का इस्तेमाल शुरू कर चुकी है. महाराष्ट्र का AI आधारित मोबाइल प्लेटफॉर्म ‘महाVISTAAR-AI’ करीब 25 लाख किसानों तक पहुंच चुका है. इसके जरिए किसानों को उनकी भाषा में मौसम की जानकारी, कीट रोग की चेतावनी, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी मिल रही है.

एग्रीकल्चर डेटा एक्सचेंज पर काम कर रही सरकार

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार एक राज्यव्यापी एग्रीकल्चर डेटा एक्सचेंज बनाने पर काम कर रही है. यह सिस्टम खुले मानकों और मजबूत नियमों पर आधारित होगा, ताकि किसानों का डेटा सुरक्षित रहे और उसका फायदा सीधे किसानों को मिले. इसके साथ ही पूरी वैल्यू चेन को जोड़ने के लिए ट्रेसबिलिटी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी और निर्यात को भी मजबूती मिलेगी.

क‍िसान नई तकनीक अपनाने के लिए तैयार

फडणवीस ने कहा कि किसान नई तकनीक अपनाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते वह उनकी जरूरतों के अनुसार बनाई जाए. कपास किसानों के लिए तैयार किए गए शुरुआती चेतावनी सिस्टम इसका उदाहरण हैं, जिनसे फसल को नुकसान और आर्थिक जोखिम कम हुआ है.

उन्होंने कहा कि आज जलवायु बदलाव, गिरता जलस्तर और अस्थिर वैश्विक बाजार खेती के लिए बड़ी चुनौती हैं. ऐसे में खेती केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और देश की स्थिरता से जुड़ा मुद्दा है. भारत ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जिम्मेदार AI को विकास के केंद्र में रखा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक कृषि विस्तार सेवाएं आज की रफ्तार और जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं. AI इस कमी को पूरा कर सकता है. इससे किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान, समय पर कीट चेतावनी, बेहतर सिंचाई और उर्वरक उपयोग की सलाह मिल सकती है. उन्होंने कहा कि यह समिट संकेत है कि महाराष्ट्र अब छोटे प्रयोगों से आगे बढ़कर बड़े प्लेटफॉर्म और मजबूत सिस्टम की ओर कदम बढ़ा रहा है, जहां तकनीक का असली फायदा सीधे किसान तक पहुंचेगा. (पीटीआई) 

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