
दिल्ली की हवा एक बार फिर प्रभावित होती दिख रही है. बुधवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 129 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के अनुसार, इसी दिन पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में खेतों में फसल अवशेष जलाने के 19 मामले सामने आए. सैटेलाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की सात-सात घटनाएं दर्ज की गईं. मध्य प्रदेश में चार, हरियाणा में एक मामला सामने आया. छह राज्यों में 15 से 30 सितंबर के बीच कुल 114 फसल अवशेष जलाने की घटनाएं दर्ज हुई हैं. इस अवधि में पंजाब में सबसे ज्यादा 59 मामले सामने आए. उत्तर प्रदेश में 32, मध्य प्रदेश में 17, हरियाणा में तीन और राजस्थान में दो घटनाएं दर्ज की गईं. दिल्ली में भी पराली जलाने का एक मामला रिकॉर्ड हुआ है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की हवा बुधवार को ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गई. इससे पहले लगातार पांच दिनों तक राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बनी हुई थी.
CPCB के वर्गीकरण के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है.
दिल्ली के IIT स्टेशन पर शाम छह बजे AQI 207 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है. राजधानी के 45 निगरानी केंद्रों में से 42 पर हवा ‘मध्यम’ और तीन केंद्रों पर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही.
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, 1 से 3 अक्टूबर के दौरान दिल्ली की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रहने की संभावना है. इसके बाद के छह दिनों में भी वायु गुणवत्ता के इसी श्रेणी में रहने का अनुमान है.
प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम की परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल नहीं हैं. पूर्वानुमान के मुताबिक, वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे रह सकता है, जबकि औसत हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है. ऐसी स्थिति में हवा में मौजूद प्रदूषकों के बिखराव की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है.
धान की कटाई के बाद किसान खेतों को अगली फसल के लिए तैयार करने के लिए फसल अवशेष जलाते हैं. गेहूं और सब्जियों की खेती से पहले खेत खाली करने की प्रक्रिया में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं. पंजाब और हरियाणा में इस तरह की घटनाओं का दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है.
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग केंद्र पर अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम है. पालम में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री, लोधी रोड में 33.8 डिग्री, रिज में 32.9 डिग्री और आया नगर में 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है. पालम में न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री, लोधी रोड में 21.6 डिग्री, रिज में 18.8 डिग्री और आया नगर में 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
IMD के अनुसार, मंगलवार की तुलना में बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़ा, जबकि न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई. बुधवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी में बारिश दर्ज नहीं की गई. (पीटीआई)