Rabi Sowing: रबी बुवाई में तेज बढ़त, पिछले साल का टूटा रिकॉर्ड, जानें किन फसलों ने मारी बाजी

Rabi Sowing: रबी बुवाई में तेज बढ़त, पिछले साल का टूटा रिकॉर्ड, जानें किन फसलों ने मारी बाजी

Rabi Acreage: रबी सीजन 2025-26 में फसलों की बुवाई ने नया रिकॉर्ड बनाया है. सामान्य रकबे से 3.55 प्रतिशत ज्यादा क्षेत्र में खेती हुई है. गेहूं और तेलहनों की मजबूत बुवाई ने कुल आंकड़े को आगे बढ़ाया है.

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प्रतीक जैन
  • Noida,
  • Jan 28, 2026,
  • Updated Jan 28, 2026, 1:59 PM IST

देश में रबी सीजन 2025-26 के दौरान फसलों की बुवाई ने मजबूत रफ्तार पकड़ी है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के ताजा अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, कुल रबी फसलों का सामान्य रकबा 637.81 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 23 जनवरी 2026 तक 660.48 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है. यानी सामान्य स्तर की तुलना में 22.67 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में फसलें बोई गई हैं. प्रतिशत के लिहाज से यह बढ़ोतरी करीब 3.55 प्रतिशत है, जो रबी खेती के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.

अगर पिछले रबी सीजन 2024-25 के फाइनल बुवाई के आंकड़ों से तुलना करें तो इसी अवधि तक 642.24 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. इस बार रकबा 18.24 लाख हेक्टेयर ज्यादा है, जो लगभग 2.84 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है. 

6.13 लाख हेक्‍टेयर बढ़ा गेहूं का रकबा

रबी फसलों में सबसे बड़ा योगदान गेहूं का है, जिसका सामान्य रकबा 312.35 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर में बुवाई दर्ज की गई है. यह सामान्य से 21.82 लाख हेक्टेयर अधिक और पिछले साल से 6.13 लाख हेक्टेयर ज्यादा है. गेहूं की मजबूत बुवाई खाद्य सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जाती है.

दलहन के रकबे में मामूली उछाल

वहीं, दालों की बात करें तो कुल दालों (दलहनी फसलों) का सामान्य रकबा 140.42 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 137.55 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है. हालांकि, यह सामान्य से थोड़ी कम है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले 3.61 लाख हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है. चना और मसूर ने इसमें अहम भूमिका निभाई है, जबकि उड़द, मूंग और कुल्थी जैसी कुछ दालों में हल्की गिरावट दिखी है.

मोटे अनाज के रकबे में अच्‍छी बढ़त

श्री अन्न और मोटे अनाजों का प्रदर्शन भी बेहतर दिखाई दे रहा है. इनका सामान्य रकबा 55.33 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 60.70 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है. यह सामान्य से 5.37 लाख हेक्टेयर ज्यादा है. खासतौर पर मक्का और जौ की बुवाई में अच्छी तेजी देखने को मिली है, जबकि ज्वार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई.

तिलहनी फसलों का रकबा 10.25 लाख हेक्‍टेयर बढ़ा

इसके अलावा ति‍लहन फसलों ने भी रबी बुवाई को मजबूती दी है. ति‍लहन फसलों का सामान्य रकबा 86.78 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 97.03 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है. यानी सामान्य से 10.25 लाख हेक्टेयर अधिक. पिछले सीजन की तुलना में भी ति‍लहन क्षेत्र 3.45 लाख हेक्टेयर आगे हैं. सरसों और रेपसीड की मजबूत बुवाई इसका मुख्य कारण रही है.

रबी सीजन 2025-26 में बुवाई न केवल सामान्य रकबे से आगे निकल गई है, बल्कि पिछले साल के मुकाबले भी साफ बढ़त दर्ज की गई है. अनुकूल मौसम, मिट्टी में बेहतर नमी और बाजार संकेतों ने किसानों को रबी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया है.

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