रिकॉर्ड बारिश से जम्मू की बासमती पर संकट, 70 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा, किसानों ने मांगा मुआवजा

रिकॉर्ड बारिश से जम्मू की बासमती पर संकट, 70 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा, किसानों ने मांगा मुआवजा

जम्मू जिले में अक्टूबर महीने की रिकॉर्ड 185 मिमी बारिश ने 70 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के कारण RS पुरा, अरनिया और आसपास के इलाकों में विश्व प्रसिद्ध बासमती धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. कटाई से पहले फसल बर्बाद होने से किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है.

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क‍िसान तक
  • जम्मू,
  • Oct 12, 2026,
  • Updated Oct 12, 2026, 6:18 PM IST

रविवार को जम्मू जिले में जबरदस्त बारिश हुई, जिसने अक्टूबर महीने में सबसे अधिक बारिश का 70 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को जम्मू जिले में लगभग 185 मिमी बारिश हुई. इससे पहले अक्टूबर महीने में सबसे अधिक बारिश 1955 में दर्ज की गई थी. अक्टूबर 1955 में जम्मू जिले में लगभग 130 मिमी बारिश हुई थी.

रविवार को हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने इलाके में आम जनजीवन पर बुरा असर डाला. कई इलाके जलमग्न हो गए और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया. जम्मू जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में 2 लोगों की मौत हो गई. दूसरी ओर, भारी बारिश के कारण RS पुरा सेक्टर, मध, अरनिया और अन्य इलाकों में बासमती धान की फसल को नुकसान पहुंचा. 

बासमती बर्बाद, सरकार मुआवजा दे

'आज तक' की टीम ने RS पुरा सेक्टर के एक धान के खेत का दौरा किया, जहां बारिश से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है. 'आज तक' से बात करते हुए किसानों ने बताया कि उन्हें 2 से 3 हफ्ते बाद अपनी फसल की कटाई करनी थी, लेकिन दुर्भाग्य से बारिश ने उनकी फसल बर्बाद कर दी और उनके इलाकों में भारी तबाही मचाई. किसानों ने सरकार से आग्रह किया कि वे उनकी मुश्किलों पर ध्यान दें और उनके लिए मुआवजे की घोषणा करें. किसानों ने निराशा जाहिर की क्योंकि इस साल RS पुरा के विश्व प्रसिद्ध बासमती चावल के उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा.

भारी बारिश से जम्मू के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव हो गया. ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी व्यवस्था) के फेल होने से बारिश का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे निचले इलाकों में सबसे अधिक असर पड़ा.

कई सड़कें भी पानी में डूब गईं, जिससे ट्रैफिक जाम हुआ और आम जनजीवन बाधित हुआ.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को तीन घंटों में जम्मू में 185.6 मिमी बारिश हुई, जिससे 1955 में बने 160 मिमी बारिश के 71 साल पुराने अक्टूबर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया गया और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इस दौरान एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई.

जम्मू में रिकॉर्ड तोड़ बारिश से नुकसान

रिकॉर्ड तोड़ बारिश, जो सुबह करीब 8.30 बजे शुरू हुई थी, ने सड़कों और रिहायशी इलाकों को जलमग्न कर दिया, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और कई जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुईं. अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से अधिकतम तापमान गिरकर 23.3 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से नौ डिग्री कम है.

उन्होंने बताया कि जम्मू के रायपुर डोमाना इलाके में एक 27 साल की महिला अचानक आई बाढ़ में बह गई. वह अपने पति को बचाने की कोशिश कर रही थी, जो अपनी खड़ी कार को हटाने की कोशिश कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि पति तो किसी चीज को पकड़कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन स्थानीय लोगों, पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों की जबरदस्त खोजबीन के बावजूद उनकी पत्नी का पता नहीं चल सका.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम डोमाना इलाके से एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया, जिसके बाढ़ वाली धारा में डूबने की आशंका है. उसकी पहचान और मौत की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है.

भारी बारिश के कारण जम्मू में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक में रुकावट आई और कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया.

अधिकारियों ने बताया कि पंजतीर्थी, नगरोटा, रूप नगर, जानीपुर, डोगरा चौक, दुर्गा नगर, शक्ति नगर और रायपुर डोमाना सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल हैं.(सुनील जी भट्ट का इनपुट)

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