पटना में आम महोत्सव-2026 शुरू: छोटे मेले पर उठे सवाल, स्टॉल और किस्में भी कम

पटना में आम महोत्सव-2026 शुरू: छोटे मेले पर उठे सवाल, स्टॉल और किस्में भी कम

पटना के बामेती परिसर में आम महोत्सव-2026 की शुरुआत हुई, जहां कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार के खास कृषि उत्पादों और निर्यात संभावनाओं पर जोर दिया. हालांकि इस बार महोत्सव के छोटे स्तर और सीमित स्टॉल को लेकर सवाल उठे. इस बीच बिहार से आम और लीची का निर्यात दुबई और अमेरिका तक पहुंचा है, वहीं सरकार जल्द ही कृषि उत्पाद निर्यात नीति लागू करने की तैयारी में है.

Bihar Mango Festival 2026Bihar Mango Festival 2026
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jun 19, 2026,
  • Updated Jun 19, 2026, 6:46 PM IST

बिहार कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा बामेती परिसर, पटना में तीन दिवसीय “आम महोत्सव-2026” का शुभारंभ कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया. इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार केवल आम ही नहीं, बल्कि शाही लीची, मगही पान, कतरनी चावल, मखाना और मर्चा धान जैसे विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है. हालांकि, इस मौके पर बिहार के विभिन्न जिलों से आए किसानों और स्थानीय लोगों का कहना था कि इस बार आम महोत्सव का दायरा पिछले वर्षों की तुलना में छोटा है. इस बार  लगाए गए स्टॉल और आम की किस्मों की संख्या नाममात्र की दिखी. लोगों ने पूछा कि कहीं महंगाई का असर तो नहीं है.

कृषि उत्पाद निर्यात नीति लागू करने की तैयारी में सरकार

कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही कृषि उत्पाद निर्यात नीति (Agri Export Policy) लागू करने की दिशा में काम कर रही है. राज्य में निर्यात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एपीडा का क्षेत्रीय कार्यालय भी तैयार हो चुका है. इसके साथ ही बिहटा स्थित एक्सपोर्ट पैक हाउस को हाल ही में आवश्यक लाइसेंस और क्लीयरेंस मिल गया है, जिसके बाद राज्य से फलों का निर्यात शुरू हो गया है.

आगे उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान अपने खाने-पीने की वस्तुओं का उत्पादन प्राकृतिक खेती के माध्यम से करें. अपनी भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में प्राकृतिक खेती अवश्य करें.

इन देशों में इस बार गया आम और लीची

कृषि मंत्री सिन्हा ने बताया कि 12 जून को बिहार से 19 मीट्रिक टन जर्दालु, बंबइया और दूधिया मालदह आम के दो कंटेनर दुबई भेजे गए हैं और पांच अतिरिक्त कंटेनरों का निर्यात भी जल्द किया जाएगा. इसके अलावा बांका जिले से 8.5 मीट्रिक टन दूधिया मालदह और जर्दालु आम का निर्यात अमेरिका किया गया है.

45 दिनों तक लीची नहीं होगी खराब 

कृषि मंत्री कहा कि राज्य से 10 मीट्रिक टन लीची का निर्यात भी दुबई को किया गया है. कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीक के माध्यम से लीची को 45 दिनों तक सुरक्षित रखने की क्षमता विकसित की गई है, जिससे निर्यात की संभावनाएं और बढ़ी हैं. बिहार का जर्दालु आम, दीघा का दूधिया मालदह और उत्तर प्रदेश का दशहरी और लंगड़ा आम देश-विदेश में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं.

सीमित आम के स्टॉल से महोत्सव का दायरा घटा

राज्य स्तरीय आम महोत्सव-2026 में इस बार करीब 51 आम की किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई और लगभग 20 स्टॉल लगाए गए. हालांकि, आयोजन में पहुंचे लोगों का कहना था कि पहले यह महोत्सव पटना के ज्ञान भवन जैसे बड़े परिसर में आयोजित होता था, लेकिन इस बार इसे बामेती परिसर में आयोजित किए जाने से इसका दायरा अपेक्षाकृत छोटा नजर आया. 

वहीं, बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. के. मणि ने कहा कि संभवतः इस बार बजट कम जारी हुआ है, जिसकी वजह से आम महोत्सव के आयोजन का दायरा घट गया होगा. कुछ लोगों ने यह भी चर्चा की कि कहीं महंगाई का असर इस आयोजन पर भी तो दिखाई नहीं दे रहा है.

हालांकि, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आम महोत्सव के दायरे के कम होने के सवाल पर कहा कि भविष्य में कृषि विभाग के अधिकांश महोत्सव विभागीय परिसरों, जैसे कृषि भवन या बामेती परिसर में ही आयोजित किए जाएंगे. उनके अनुसार, इससे किसानों को आयोजन के साथ-साथ विभागीय संस्थानों और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी मिल सकेगी, जिसका लाभ उन्हें सीधे तौर पर मिलेगा.

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