पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से गिरी गेहूं की फसल, किसानों ने मांगी गिरदावरी और मुआवजा

पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से गिरी गेहूं की फसल, किसानों ने मांगी गिरदावरी और मुआवजा

पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अमृतसर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है. किसानों ने सरकार से तुरंत गिरदावरी और मुआवजे की मांग की है, क्योंकि उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है.

Punjab wheat crop damagePunjab wheat crop damage
क‍िसान तक
  • Amritsar,
  • Mar 16, 2026,
  • Updated Mar 16, 2026, 6:39 PM IST

अमृतसर समेत पंजाब में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. खासकर तैयार खड़ी गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने का डर है. किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल मेहनत करके अपने बच्चों की तरह गेहूं की फसल को पाला था, लेकिन अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया.

अमृतसर के अजनाला में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है. विशेषज्ञों के अनुसार अगर फसल लंबे समय तक इसी तरह खेतों में पड़ी रही तो दाना काला पड़ने और उत्पादन कम होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा. किसानों ने बताया कि कुछ समय पहले आई बाढ़ के कारण उनकी धान की फसल का भी बड़ा नुकसान हुआ था और अब फिर से बेमौसम बारिश ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा दिया है. लगातार हो रहे नुकसान के कारण किसान चिंतित नजर आ रहे हैं.

मुआवजे की मांग

इस मामले को लेकर किसानों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से नुकसान हुई फसल की गिरदावरी करवाई जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके.

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है जिसका असर गेहूं जैसी रबी फसलों पर है. स्काईमेट वेदर में मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा, "पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहे एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण, पंजाब और हरियाणा से सटे मध्य पाकिस्तान के ऊपर चक्रवाती गतिविधि विकसित हो गई है." 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है.

पंजाब के कई जिलों में बारिश

रविवार को पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान में कुछ गिरावट आई. यहां के मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में 0.2 mm बारिश हुई, जबकि पंजाब में अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 5 mm, 1.2 mm और 2 mm बारिश दर्ज की गई.

गुरदासपुर, होशियारपुर, संगरूर, मोहाली, फाजिल्का और पठानकोट में भी हल्की बारिश हुई. अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में अधिकतम तापमान 21.8, 22.7 और 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री तक कम था. पड़ोसी राज्य हरियाणा में अंबाला, गुरुग्राम और करनाल में क्रमशः 0.3 mm, 1 mm और 3.5 mm बारिश हुई.

गर्मी से पैदावार गिरने की आशंका

दूसरी ओर, पंजाब के कई इलाकों में अचानक बढ़ी गर्मी से फसलों पर प्रभाव पड़ रहा है. पंजाब में इस साल समय से पहले पड़ रही तेज गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अचानक बढ़ी गर्मी कई जिलों में किसानों की गेहूं और हरे मटर की फसल को भारी नुकसान पहुंच रही है. फरवरी महीने से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि इस बार मौसम ने पूरी खेती की गणित ही बिगाड़ दी है.

दरअसल, गेहूं की फसल को बेहतर उत्पादन के लिए मार्च महीने तक ठंडा मौसम चाहिए होता है, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी पड़ने लगी. इसके कारण गेहूं के दाने पूरी तरह विकसित होने से पहले ही पकने लगे हैं, जिससे फसल की पैदावार यानी झाड़ में भारी कमी आने की आशंका है. किसानों का कहना है कि इस बार उनकी गेहूं की पैदावार लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.(अमित शर्मा का इनपुट)

MORE NEWS

Read more!