Donkey in NLM: गधों का कुनबा बढ़ाने के लिए NLM  में सरकार दे रही 50 लाख रुपये, पढ़ें डिटेल 

Donkey in NLM: गधों का कुनबा बढ़ाने के लिए NLM  में सरकार दे रही 50 लाख रुपये, पढ़ें डिटेल 

Donkey in NLM एक रिपोर्ट के मुताबिक अब बस उंगलियों पर गिनने लायक ही गधे बचे हैं. इसी को देखते हुए केन्द्र सरकार गधों की संख्या बढ़ाने, नस्ल सुधार और पालन के लिए योजना चला रही है. योजना के तहत गधे पालने के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद दी जा रही है. इसी लिए गधों को नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) योजना में शामिल किया गया है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 02, 2026,
  • Updated Jan 02, 2026, 8:39 PM IST

गधों की संख्या लगातार घट रही है. गधों की उन्नत नस्ल और हमेशा डिमांड में रहने वाले मालधारी गधे तो और भी कम हो गए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 60 फीसद गधों की संख्या में कमी आ चुकी है. गधों की उपयोगिता को देखते हुए दक्षि‍ण भारत में गधों के बड़े-बड़े फार्म हाउस भी बन रहे हैं. और ये सब मुमकिन हो रहा है नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) योजना से. गधों की कमी को पूरा करने और गधों को बचाने के लिए सरकार एनएलएम के तहत 50 लाख रुपये तक दे रही है. क्योंकि गधा सिर्फ बोझा ढोने के काम ही नहीं आता है. गधी के दूध की भी बहुत वैल्यू है. बाजार में गधी के दूध से बने कॉस्मेटिक आइटम की भी बहुत डिमांड है. 

क्रीम-साबुन बनाने में गधी के दूध का महत्व किसी से छिपा नहीं है. यही वजह है कि गधी के दूध की मेडिसिनल वैल्यू को देखते हुए अब गधी के दूध से बहुत सारे कॉस्मेटिक आइटम बनने के साथ ही अब उसके दूध को फूड आइटम में शामिल करने की कोशि‍श चल रही हैं. नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनडीआरआई) के लिए को पत्र भी लिख चुका है. अभी हाल ही में सार्वजनिक तौर पर बाबा रामदेव ने भी गधी का दूध पीकर उसे स्वादिष्ट बताया था.

जानें कैसे काम करती है NLM योजना 

साल 2015 में नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) योजना शुरू की गई थी. शुरू में इस योजना के तहत 25 से 50 लाख रुपये की रकम सब्सिडी के तहत दी जाती थी. खासतौर पर गधों की बात करें तो इस योजना के तहत गधों का ब्रीडिंग सेंटर, नस्ल सुधार और गधा पालन पर जोर दिया जा रहा है. सरकार लागत का 50 फीसद सब्सिसडी के तौर पर दे रही है. 

देश में ये है बचे हुए गधों की संख्या 

एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में हुए पशुगणना के आंकड़ों पर जाएं तो देश में गधों की कुल संख्या 1.23 लाख है. गधों की सबसे ज्यादा संख्या जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र , गुजरात, कर्नाटक और आंध्रा प्रदेश में है. इन राज्यों में गधों की संख्या एक लाख के आसपास है. देश के 28 राज्यों में ही गधे बचे हैं. उसमे भी कई राज्य ऐसे हैं जहां गधों की संख्या दो से लेकर 10 के बीच है.  

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