
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 का सफल आयोजन प्रदेश के मछली पालन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ. यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से किया गया, जिसका उद्देश्य मछली पालन को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना रहा.
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता भारत सरकार के मत्स्य मंत्री द्वारा की गई, जबकि पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने की. वहीं, समापन समारोह की अध्यक्षता मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. द्वारा की गई. तीनों सत्रों में मछली पालन से जुड़े विकास, निवेश, तकनीक और रोजगार के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 में लगभग 5000 से अधिक मछली पालक किसान, हितग्राही, उद्यमी, निवेशक और वैज्ञानिकों ने भाग लिया. यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि मछली पालन के क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों के लिए संवाद और सहयोग का बड़ा मंच बना. किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली, वहीं निवेशकों को इस क्षेत्र में संभावनाओं को समझने का अवसर मिला.
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मत्स्य विभाग को करीब 1250 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए. इसके साथ ही लगभग 1400 नए रोजगार सृजन के प्रस्ताव भी सामने आए. यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि मछली पालन अब केवल पारंपरिक खेती का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि एक मजबूत उद्योग के रूप में उभर रहा है. कार्यक्रम के दौरान कुल 5 संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 30 विशेषज्ञ वक्ताओं ने मत्स्य विकास, आधुनिक तकनीक, फीड प्रबंधन, मत्स्य बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन जैसे विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया. इससे किसानों और उद्यमियों को व्यावहारिक जानकारी मिली, जिसे वे सीधे अपने काम में लागू कर सकते हैं.
महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने जानकारी दी कि मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 की सफलता और प्रदेश में मछली पालन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में CM योगी की अध्यक्षता में “मीन महाकुंभ” का आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन प्रदेश स्तर पर मछली पालन क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम हो सकता है, जिसमें देशभर से किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और कंपनियां हिस्सा लेंगी.
इस अवसर पर प्रदेश के 18 सफल मछली पालक किसानों की सफलता की कहानियों का विमोचन भी किया गया. इन कहानियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि सही तकनीक, मेहनत और सरकारी सहयोग से मछली पालन एक लाभकारी व्यवसाय बन सकता है. यह पहल नए किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. वहीं, मीन महोत्सव और एक्वा एक्सपो 2026 में 50 कंपनियों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां आधुनिक तकनीक, फीड मिल, मत्स्य बीज प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, उपकरण और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया गया.