
राजधानी पटना समेत भागलपुर के नवगछिया और दरभंगा शहर के नगर निगम क्षेत्र के कुछ स्थानों पर कौवों की मृत्यु हुई थी. इस मामले को लेकर डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा सूचना जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि इन तीनों स्थानों से भेजे गए सभी नमूनों में किसी भी प्रकार के संक्रमण अथवा अधिसूचित रोग एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि विभाग की ओर से पोल्ट्री व्यवसायियों सहित आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बता दें कि कौवों की मृत्यु की घटना सामने आने के बाद से पोल्ट्री से जुड़े व्यवसायियों सहित आसपास के लोगों में काफी भय का माहौल देखने को मिल रहा है. वहीं, कौवों की मृत्यु की घटना के बाद डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार द्वारा पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान (IAHP), बिहार, पटना के माध्यम से मृत कौवों के नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी (RDDL), कोलकाता भेजा गया था.
पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान द्वारा बीते दिनों कौवों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद आई रिपोर्ट में बताया गया है कि भागलपुर, पटना एवं दरभंगा—तीनों स्थानों से भेजे गए सभी नमूनों में किसी भी प्रकार के संक्रामक अथवा अधिसूचित रोग एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि नहीं हुई है. इस निष्कर्ष के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में राज्य के इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की महामारी अथवा बर्ड फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी की स्थिति नहीं है. वहीं आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने की आवश्यकता नहीं है.
राज्य में बर्ड फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी का भले ही खतरा नहीं है, इसके बावजूद डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा सतर्कता और निवारक कदम उठाए जा रहे हैं. इनमें मृत पक्षियों का सुरक्षित और वैज्ञानिक विधि से निस्तारण, प्रभावित स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है.
साथ ही संबंधित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है और फील्ड स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है. किसी भी असामान्य घटना या पक्षियों की मृत्यु की सूचना मिलने पर आम नागरिकों से नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था या जिला प्रशासन को तुरंत सूचित करने की अपील की गई है.