बनारस में गंगा में उफानउत्तराखंड और हिमाचल में हो रही भारी बारिश का असर अब गंगा नदी पर साफ दिखने लगा है. वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. हरिद्वार और गंगा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते वाराणसी में 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है. बुधवार की रात को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.13 मीटर रिकॉर्ड किया गया. गंगा में उफान के चलते शहर के 84 घाटों का संपर्क आपस में टूट चुका है. घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह से पानी में डूब गई है. वही दशाश्वमेध का विश्व प्रसिद्ध आरती स्थल भी अब डूब चुका है. गंगा में उफान के चलते निचले इलाकों के लोगों को अलर्ट किया गया है वहीं जिला प्रशासन बाढ़ राहत चौकियों की मदद से अपनी तैयारी में जुटा हुआ है.
पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते बैराज से छोड़े जा रहे पानी से गंगा (Ganges river) के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. प्रयागराज और वाराणसी में इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. बढ़ते जलस्तर के वजह से मणिकार्णिका घाट, हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी डूब गए हैं. वहीं विश्व प्रसिद्ध भारतीय स्थल दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर पानी से डूब चुकी है. जलस्तर बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है जिसके चलते जिला प्रशासन ने नाव के संचालन पर रोक लगा दी है.
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वाराणसी के गंगा के किनारे के क्षेत्र में ग्रामीणों में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखकर दहशत कायम है. ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सता रही है. चौबेपुर इलाके में गंगा के दहशत के चलते 1 दर्जन से ज्यादा गांव में अब बाढ़ का खतरा सताने लगा है. दूसरी तरफ वरूणा नदी का जलस्तर भी अब बढ़ने लगा है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार रात 9:00 बजे 63.13 मीटर पर गंगा नदी का पानी पहुंच चुका है.
पूर्वांचल में इन दिनों बारिश पर अब ग्रहण लग चुका है जिसके चलते सुबह से ही तेज धूप के चलते तापमान बढ़ने लगा है. उमस भरी गर्मी के चलते लोगों का बुरा हाल है. अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम ऐसे ही रहने की संभावना है. 22 जुलाई के बाद बारिश की संभावना जताई जा रही है. बारिश ना होने के चलते खरीफ की बुवाई भी प्रभावित होने लगी है.
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