ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभउत्तर प्रदेश की योगी सरकार होली के बाद 3300 से अधिक किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र देगी. इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 4 मार्च तक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है. जिन जनपदों में लक्ष्य से अधिक आवेदन मिले हैं, सिर्फ वहीं शुक्रवार को ई-लाटरी से चयन होगा. प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, अन्य एकल कृषि यंत्र के तहत 2519 तथा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना के अंतर्गत 800 किसानों को कृषि यंत्र मिलेंगे.
डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्त जानकारी व अनुदान प्रक्रिया वेबसाइट पर उपलब्ध है. लाभार्थियों का चयन/बुकिंग टोकन कन्फर्म होने की तिथि से कृषि यंत्र खरीद कर उसकी रसीद व फोटो 10 दिन के भीतर www.agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in अपलोड करना होगा.
उन्होंने बताया कि ई-लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है. सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित किसानों को भी सूचित किया जाता है. ई-लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है. कृषि निदेशक बताते हैं कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले. कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें.
कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने आगे बताया कि 2017-18 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया गया. इसमें 2.31 लाख एकल कृषि यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक आदि प्रमुख हैं. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनवरी तक 7777 कृषि यंत्र, 51 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के बिल पोर्टल पर अपलोड हुए.
ये भी पढे़ं-
यूपी में 156 कृषि स्टार्टअप्स से छोटे किसानों को मिल रही बड़ी मदद, जानेंं खेती में कैसे बढ़ी कमाई
Iran War: 300 कंटेनर फंसे, 10,000 टन बागों में अटके—अंगूर एक्सपोर्ट की सबसे बड़ी तबाही!
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today