अब पैक्स के जरिए किसानों तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवा, KCC और फसल सहायता का भी मिलेगा लाभ

अब पैक्स के जरिए किसानों तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवा, KCC और फसल सहायता का भी मिलेगा लाभ

किसानों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के जरिए नई व्यवस्था तैयार करने की योजना है। इसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसल सहायता जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है

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अब पैक्स के जरिए किसानों तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवा, KCC और फसल सहायता का भी मिलेगा लाभपैक्स के जरिए किसानों तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवा

गांवों में किसानों को बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पैक्स की भूमिका बढ़ाई जा रही है. बिहार सरकार का जोर इन समितियों को सक्रिय बनाकर किसानों तक बैंकिंग सेवाएं, फसल सहायता और कृषि लोन पहुंचाने पर है. वहीं, इस व्यवस्था के तहत पैक्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के साथ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से लोन वितरण को भी गति देने की कोशिश है.

गांव में ही बैंकिंग सुविधाओं का होगा विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के लिए किसानों को दूर नहीं जाना पड़े. इसके लिए सहकारी संस्थाओं को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. माइक्रो एटीएम के जरिए खातों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. विभाग का लक्ष्य पैक्स, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और सब्जी उत्पादक समितियों को भी इस व्यवस्था से जोड़ना है. वहीं, समीक्षा बैठक के दौरान मुंगेर प्रमंडल में 146 माइक्रो एटीएम के जरिए 9,298 खातों से जुड़ी सेवाओं और 1,134.78 लाख रुपये की जमा राशि की जानकारी दी गई. पूर्णिया प्रमंडल में 74 माइक्रो एटीएम के माध्यम से 3,702 खातों से जुड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं. वहां जमा राशि 83.79 लाख रुपये दर्ज की गई है.

फसल सहायता के लिए सत्यापन में आएगी तेजी

फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत देने वाली बिहार राज्य फसल सहायता योजना के लंबित मामलों पर भी विभाग की नजर है. कई मामलों में किसानों के आवेदन के बाद क्षेत्रीय जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है. इसमें देरी होने पर पात्र किसानों को सहायता मिलने में भी समय लगता है. विभाग ने जिला और प्रखंड स्तर पर लंबित मामलों की पहचान कर सत्यापन जल्द पूरा करने को कहा है. इससे पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.

KCC लोन के लिए किसानों को लंबा इंतजार खत्म

खेती के लिए बीज, खाद और दूसरी जरूरतों पर समय से पैसा मिलना किसानों के लिए अहम है. इसे देखते हुए सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर दिया है. पैक्स और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से पात्र किसानों तक ऋण सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा.

धान खरीद और गोदाम निर्माण की होगी निगरानी

समीक्षा में पिछले खरीफ विपणन मौसम की धान खरीद और चावल आपूर्ति के आंकड़ों पर भी चर्चा हुई. मुंगेर प्रमंडल में धान खरीद का लक्ष्य 99.92 फीसदी और चावल आपूर्ति का लक्ष्य 99.56 फीसदी पूरा हुआ. पूर्णिया प्रमंडल में धान खरीद 99.72 फीसदी और चावल आपूर्ति 97.62 फीसदी रही. इसके अलावा निर्माणाधीन गोदामों को समय पर पूरा करने और पैक्स के कम्प्यूटरीकरण पर जोर दिया गया. इन व्यवस्थाओं के मजबूत होने से किसानों को बैंकिंग, कृषि लोन और उपज के भंडारण जैसी सुविधाएं सहकारी संस्थाओं के जरिए उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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