ओलावृष्टि से फसल नुकसानबीते दिनों बिहार के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों का नुकसान हुआ. मार्च महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में इस तरह की घटनाएं देखी गईं जिससे एक साथ कई फसलों पर मार पड़ी. बारिश के अलावा आंधी और तूफान ने गेहूं जैसी फसल को खेतों में बिछा दिया. आम और लीची जैसी बागवानी फसल भी प्रभावित हुई. इस नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई थी जिसे मान लिया गया है.
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से प्रभावित 13 जिलों के किसानों को सरकार ने सहायता राशि देने का ऐलान किया है. इन 13 जिलों में खराब मौसम की वजह से फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. बिहार सरकार ने बताया है कि उन 13 जिलों के 88 प्रखंडों के 1484 पंचायतों में क्षतिग्रस्त फसलों के लिए किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ दिया जा रहा है. इसके तहत किसान 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं.
कृषि विभाग की टीम ने फसल नुकसान का सर्वे और आकलन करने के बाद 13 जिलों का नाम चुना है जहां किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा. बिहार सरकार ने कहा है कि प्रभावित पंचायतों के वैसे किसान जिनकी फसल का नुकसान हुआ है, वे ऑनलाइन आवेदन कर कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं. योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी.
आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओला गिरने के कारण हुए नुकसान के लिए असिंचित (वर्षा पर आधारित) फसल क्षेत्र के लिए किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित)के लिए 22,5000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी.
किसान को इस योजना के तहत असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसल जैसे गन्ना के लिए 2,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इस योजना का लाभ सभी रजिस्टर्ड रैयत और गैर-रैयत किसान उठा सकते हैं. यह योजना किसान और किसान परिवार के लिए मान्य है.
इनपुट योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन के समय अपने परिवार का पूरा विवरण आधार वेरिफिकेशन के साथ देना अनिवार्य होगा. अगर परिवार की डिटेल्स देने में किसी भी प्रकार की गड़पड़ पाई जाती है, तो आवेदन कैंसिल कर दिया जाएगा.
इस योजना का लाभ 13 जिलों के 88 प्रखंडों की 1484 पंचायतों में रहने वाले प्रभावित किसानों को मिलेगा. योजना में शामिल जिले हैं— सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर.
अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से जानकारी पा सकते हैं.
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