सूखा प्रभावित किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग, सुप्रिया सुले ने फडणवीस सरकार को घेरा

सूखा प्रभावित किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग, सुप्रिया सुले ने फडणवीस सरकार को घेरा

महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों के मुआवजे को लेकर एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने 5,000 रुपये की घोषित राहत राशि को अपर्याप्त बताते हुए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.

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सूखा प्रभावित किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग, सुप्रिया सुले ने फडणवीस सरकार को घेराNCP (SP) नेता सुप्र‍िया सुले (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेत्री सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को घोषित राहत राशि उनकी जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है. पुणे में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने कहा कि किसानों को 5,000 रुपये की सहायता देना उनकी परेशानियों के साथ न्याय नहीं है. उन्होंने मांग की कि सूखा प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 अक्टूबर को घोषणा की थी कि किसानों को दिवाली से पहले शुरुआती राहत के तौर पर 5,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब महाराष्ट्र के करीब 85 फीसदी तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. सुप्रिया सुले ने सरकार की इस पहल पर असंतोष जताते हुए कहा कि घोषित सहायता किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को नमो कृषी सन्मान योजना की दो किस्तें अभी तक नहीं मिली हैं.

शरद पवार ने मुख्यमंत्री को लिखे दो पत्र

सुप्रिया सुले ने बताया कि एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दो पत्र लिखे हैं. इन पत्रों में संकट से निपटने के लिए कई सुझाव दिए गए थे.

सुले ने कहा कि उनकी पार्टी सूखे के दौरान राजनीतिक विवाद में नहीं पड़ना चाहती, क्योंकि इस समय किसानों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इन सुझावों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना

सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए. टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले के एक दिन बाद उन्होंने राज्य में अपराध की स्थिति का मुद्दा उठाया और केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट का हवाला दिया.

उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में अपराध बढ़े हैं और पुणे राज्य में अपराध के मामलों में सबसे आगे है, जबकि देश में इसका स्थान पांचवां है. सुले ने राज्य की राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताते हुए सरकार की आलोचना की.

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का भी उठाया मुद्दा

सुप्रिया सुले ने दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे और विधान परिषद सदस्य जीशान सिद्दीकी की ओर से अपने पिता की हत्या के मुकदमे में तेजी लाने और परिवार की सुरक्षा की मांग का भी जिक्र किया.

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक विधान परिषद सदस्य के परिवार को सुरक्षा को लेकर चिंता है तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी. इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर जवाबदेही की मांग की.

विधान परिषद चुनाव को लेकर एमवीए के घटक दलों में चर्चा

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के सभी सहयोगी दल आपस में संपर्क में हैं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि महंगाई, बेरोजगारी और देश में चल रहे आंदोलनों सहित कई विषयों पर गठबंधन के भीतर बातचीत हो रही है. (पीटीआई)

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