CM मोहन यादव के सामने बीजेपी विधायकों में तीखी नोंकझोंक, ‘चुप बैठो’ से गरमाया सरकारी मंच

CM मोहन यादव के सामने बीजेपी विधायकों में तीखी नोंकझोंक, ‘चुप बैठो’ से गरमाया सरकारी मंच

गुना के नानाखेड़ी कृषि मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के सरकारी मंच पर बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य और चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीना के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई. रामायण और महाभारत के उदाहरणों पर शाक्य के बयान पर प्रियंका मीना ने आपत्ति जताई. दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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CM मोहन यादव के सामने बीजेपी विधायकों में तीखी नोंकझोंक, ‘चुप बैठो’ से गरमाया सरकारी मंचबलराम कृषि महोत्सव में सियासी संग्राम!

मध्य प्रदेश के गुना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव का सरकारी मंच उस समय सियासी चर्चा का केंद्र बन गया, जब बीजेपी के दो विधायकों के बीच भाषण के दौरान तीखी नोंकझोंक हो गई. नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य और चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीना के बीच उस समय विवाद हो गया, जब प्रियंका मीना ने शाक्य के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्हें बीच में रोकने की कोशिश की. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

भाषण के दौरान क्या हुआ?

दरअसल, जिला प्रशासन की ओर से नानाखेड़ी मंडी परिसर में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे. मंच से गुना विधायक पन्नालाल शाक्य किसानों और खेती से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से खाद, बिजली और किसानों से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर उनकी आवाज उठाते रहे हैं. हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या इन मुद्दों पर बात करने से किसानों की सोच और मानसिकता में बदलाव आया है.

इसी दौरान कार्यक्रम में बज रहे देशभक्ति गीत का जिक्र करते हुए विधायक शाक्य ने कहा कि केवल जान देने की बात करने के बजाय देश और समाज के सामने मौजूद परिस्थितियों को समझने की जरूरत है. इसके बाद उनका भाषण खेती और किसानों के मुद्दों से हटकर रामायण और महाभारत जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों की ओर चला गया.

रामायण और महाभारत का उदाहरण देकर क्या बोले शाक्य?

पन्नालाल शाक्य ने रामायण का उदाहरण देते हुए रावण और सीता के प्रसंग का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रावण को कई लोगों ने समझाया था कि पराई स्त्री को अपने साथ लाना विनाश का कारण बन सकता है. उनके अनुसार, इसके बाद हुए युद्ध में बड़ी संख्या में पुरुषों की जान गई.

इसके बाद उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए पांचाली यानी द्रौपदी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि महाभारत के युद्ध में करोड़ों पुरुष मारे गए. विधायक ने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता के प्रसंग का भी उदाहरण दिया और कहा कि इतिहास में ऐसे कई मामले मिलते हैं, जहां महिलाओं से जुड़े विवादों के कारण युद्ध हुए और बड़ी संख्या में पुरुषों की जान गई.

प्रियंका मीना ने मंच पर जताई आपत्ति

पन्नालाल शाक्य जब इन उदाहरणों के जरिए अपनी बात रख रहे थे, तभी मंच पर मौजूद चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीना अपनी कुर्सी से खड़ी हो गईं. उन्होंने विधायक शाक्य की बात पर आपत्ति जताई. प्रियंका मीना ने कहा कि महिलाओं ने भी देश के लिए अपनी जान दी है. उन्होंने शाक्य के बयान को महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और महिला विरोधी टिप्पणी के तौर पर देखा.

प्रियंका मीना के बीच में बोलने पर पन्नालाल शाक्य ने उन्हें रोकते हुए कहा कि अभी वह बोल रहे हैं और बीच में नहीं बोलना चाहिए. उन्होंने प्रियंका मीना से बैठने का आग्रह किया. इस दौरान मंच पर दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बातचीत होती रही. सरकारी कार्यक्रम का माहौल अचानक राजनीतिक बहस में बदल गया.

शाक्य ने कहा- मैंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं

वायरल वीडियो में पन्नालाल शाक्य को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि इतिहास में कहां क्या हुआ है. उन्होंने प्रियंका मीना से अपनी बात पूरी होने तक बैठने के लिए कहा. इस दौरान मंच पर मौजूद अन्य लोग भी स्थिति को संभालने की कोशिश करते नजर आए.

बाद में जब पन्नालाल शाक्य का भाषण खत्म हुआ तो प्रियंका मीना ने मंच से अपनी बात रखी. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर शाक्य के बयान का जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि हम विधायक जी की बातों से आकर्षित हो जाते हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

बलराम कृषि महोत्सव के मंच पर बीजेपी के दोनों विधायकों के बीच हुई इस नोंकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. वीडियो में पन्नालाल शाक्य का भाषण, प्रियंका मीना का बीच में खड़े होकर आपत्ति जताना और दोनों के बीच हुई बातचीत दिखाई दे रही है.

हालांकि, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों और कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन विधायकों के बीच हुई इस बहस ने पूरे कार्यक्रम को सुर्खियों में ला दिया. अब सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

किसानों के कार्यक्रम में सियासी बहस ने खींचा ध्यान

बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किसानों को खेती से जुड़ी योजनाओं, तकनीक और सरकारी प्रयासों से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वर्चुअली शामिल हुए थे. ऐसे में मंच पर बीजेपी के ही दो विधायकों के बीच हुई बहस ने कार्यक्रम की चर्चा का रुख बदल दिया.

पन्नालाल शाक्य ने जहां ऐतिहासिक और धार्मिक उदाहरणों के जरिए युद्धों और जान गंवाने की बात रखी, वहीं प्रियंका मीना ने महिलाओं की भूमिका और उनके बलिदान का मुद्दा उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई. दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोंकझोंक का वीडियो अब तेजी से चर्चा में है और आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है. (विकास दीक्षित)

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