
आजकल लोगों में गार्डनिंग का शौक काफी तेजी से बढ़ रहा है. अब लोग सिर्फ सब्जी और फलदार पौधों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने घर और बगीचे की सुंदरता बढ़ाने के लिए फूलों को भी प्राथमिकता देने लगे हैं. खासतौर पर गुलाब की अलग-अलग किस्में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं.

बता दें कि शहरों में भी कई लोग अपने घर के गार्डन में फूल लगाना काफी पसंद करते हैं, इससे उनके बागवानी के शौक भी पूरे हो जाते हैं और घर भी फूलों की खुशबू से महक उठता है. अगर आप भी घर या बगीचे में गुलाब लगाना चाहते हैं, तो तीन खास किस्में आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं. इससे आपका घर इत्र से भी ज्यादा महकेगा.

गुलाब की डच रोज किस्म बहुत खास है, जो देखने में बेहद खूबसूरत होती है. हालांकि इस किस्म में खुशबू नहीं होती, लेकिन इसके फूल बड़े आकार के होते हैं और रंग बेहद आकर्षक होते हैं. यही वजह है कि डच रोज सजावट और गार्डन की शोभा बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा पसंद की जाती है.

दूसरी किस्म आबरा का डाबरा गुलाब है, जिसकी पहचान इसकी अनोखी चितकबरी बनावट से होती है. इस किस्म के फूल देखने में अलग ही आकर्षण पैदा करते हैं और गार्डन को खास लुक देते हैं. ये किस्म कम देखरेख में भी अच्छी तरह से पनप जाती है. जिससे नए गार्डनिंग शौकीनों के लिए यह एक अच्छा विकल्प मानी जाती है.

गुलाब की तीसरी और सबसे खास किस्म पुणे वाला डबल डिवाइन गुलाब है. इस गुलाब की खुशबू बेहद मनमोहक होती है. इसके फूल बड़े आकार के होते हैं और यह कई रंगों में उपलब्ध होता है. यही कारण है कि यह किस्म घर और गार्डन दोनों की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती है. खुशबू पसंद करने वालों के लिए यह गुलाब पहली पसंद बनता जा रहा है.

गुलाब के पौधे में समय-समय पर मिट्टी की गुड़ाई और मल्टीविटामिन खाद देने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और लंबे समय तक फूल देते हैं. ठंड के मौसम को गुलाब सबसे अनुकूल होता है. इस समय आबरा का डाबरा और डबल डिवाइन गुलाब की मांग सबसे ज्यादा रहती है.ठंड के मौसम में गुलाब को अधिक पानी देने से बचें, क्योंकि ठंड में मिट्टी में नमी अधिक समय तक बनी रहती है. वहीं, सुबह के समय हल्की सिंचाई करें ताकि पत्तियों पर पानी न रुके.

सर्दियों के मौसम से पहले गुलाब की झाड़ियों की कटाई और छंटाई करें. सूखी और रोगग्रस्त टहनियों को हटा दें ताकि पौधे में वृद्धि हो सके. गुलाब के पौधों को संतुलित मात्रा में जैविक खाद जैसे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या नाइट्रोजन युक्त उर्वरक दें. पोटाश और फास्फोरस का उपयोग करें, जो ठंड से पौधों की सुरक्षा करते हैं.
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