
भगवान राम की वनवास स्थली चित्रकूट, जहां उन्होंने अपने वनवास के 11 वर्ष बिताए थे. वहां उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से प्रदेश के सभी 75 जिलों में चल रहे ‘किसान तक’ के किसान कारवां के तहत आज यह कारवां चित्रकूट के रसिन गांव पहुंचा.

किसान कारवां के पहले चरण में उपनिदेशक कृषि राजकुमार ने किसानों को बताया कि किस प्रकार फसल की लागत कम की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जब फसल लागत घटेगी, तभी किसानों की आमदनी बढ़ेगी. इस दौरान उन्होंने फसल बीमा योजना के लाभ गिनाए और बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के नलकूप की बिजली मुफ्त कर दी गई है.

किसान कारवां के दूसरे चरण में पशुपालन विभाग के प्रसार अधिकारी अजीत साहू ने पशुओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार गौशाला से चार पशु लेने पर 1500 रुपये प्रति पशु के हिसाब से किसानों के खाते में 6000 रुपये प्रति माह भेजती है. इस योजना से पशुपालन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है.

तीसरे चरण में जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ला ने फार्मर रजिस्ट्री की अहमियत बताई. उन्होंने कहा कि जैसे आधार कार्ड एक पहचान है, उसी तरह फार्मर रजिस्ट्री कार्ड किसानों के लिए बेहद जरूरी है. इस एक नंबर के जरिए किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और यह पता चल सकेगा कि किसान किन योजनाओं का लाभ लेने के पात्र हैं.

किसान कारवां के चौथे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. मनोज शर्मा ने फसल चक्र अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि फसल चक्र अपनाने से न केवल मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ती है.

कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट के विषय वस्तु विशेषज्ञ पुष्पेंद्र सिंह दीक्षित ने बताया कि चित्रकूट जनपद में किसान अभी भी परंपरागत खेती तक सीमित हैं, जबकि उद्यानिकी फसलों से बेहतर आमदनी संभव है. उन्होंने आंवला, नींबू और करौंदा जैसी फसलों को लाभकारी बताते हुए कहा कि इन फसलों की लागत कम और मुनाफा अधिक है.

किसान कारवां के छठे चरण में जादूगर सलमान ने रोचक अंदाज में किसानों को बताया कि सरकार से जुड़कर योजनाओं का लाभ लेने से किस प्रकार किसानों की आमदनी बढ़ सकती है.

कार्यक्रम के सातवें चरण में लकी ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 500 रुपये के 10 पुरस्कार दिए गए. वहीं, प्रथम पुरस्कार मिथिला देवी को मिला, जिन्होंने 3000 रुपये की राशि जीती, जबकि दूसरा पुरस्कार रुक्मी देवी को मिला, जिन्हें 2000 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई.
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