पिछले कुछ सालों से जीएम सीड्स यानी जेनेटिकली मॉडिफाइड बीज (Genetically Modified Seeds) को लेकर हंगामा मचा हुआ है. जीएम के समर्थकों की ओर से दावा किया जा रहा है कि इससे देश में सरसों का उत्पादन बढ़ जाएगा..यानी एडिबल ऑयल के मामले में भारत आत्मनिर्भर हो जाएगा, लेकिन कई वैज्ञानिक इसे इंसान और खेत दोनों के लिए खतरनाक बता रहे हैं. इसी बीच भारत की पहली आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों की फसल धारा मस्टर्ड हाइब्रिड (डीएमएच-11) बीज के रूप में व्यावसायिक रिलीज के लिए आवश्यक न्यूनतम वजन मानदंड को पूरा करने में असफल रही है.
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