किसानों के लिए काम करने वाले नेताओं पर Nitin Gadkari का बड़ा बयान, देखें क्या बोले

किसानों के लिए काम करने वाले नेताओं पर Nitin Gadkari का बड़ा बयान, देखें क्या बोले

किसानों के मुद्दे को लेकर नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है. मध्य प्रदेश के विदिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि उनके पास पौराणिक "द्रौपदी की थाली" है, जो सभी को खाना खिला सकती है.

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किसानों के लिए काम करने वाले नेताओं पर Nitin Gadkari का बड़ा बयान, देखें क्या बोलेनितिन गडकरी (File Photo)

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों को लेकर एक बड़ी बात कही है. दरअसल, उन्होंने कहा कि देश में फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करने वाले राजनीतिक नेताओं की ज़रूरत है. मध्य प्रदेश के विदिशा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि उनके पास पौराणिक "द्रौपदी की थाली" है, जो सभी को खाना खिला सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि कोई भूखा न रहे.

"काम करने वाले नेताओं की कमी'

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इस देश में पैसे की कोई कमी नहीं है, फंड की कोई कमी नहीं है. कमी है तो सिर्फ गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करने वाले राजनीतिक नेताओं की. अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में गडकरी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में 4,400 करोड़ रुपये की आठ सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी.

मेरे पास 'द्रौपदी की थाली': गडकरी

उन्होंने कहा कि मेरे पास 'द्रौपदी की थाली' है. कितने भी लोग आ जाएं, एक भी व्यक्ति भूखा नहीं लौटेगा. हम सभी को खाना खिलाएंगे, यह मैं वादा कर सकता हूं. 'द्रौपदी की थाली' महाभारत से जुड़ी है और 'अक्षय पात्र' पर आधारित है जो कृष्ण ने द्रौपदी को दिया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब पांडव वनवास में थे, तब आए संतों को भरपेट खाना मिले, भले ही उस समय घर में खाना न हो.

किसानों की आत्महत्या पर बात 

यह देखते हुए कि अतीत में आर्थिक संकट और अन्य कारणों से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 10,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की थी, उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आपको पता न हो कि मेरा 90 प्रतिशत काम किसानों पर केंद्रित है. मैंने अपना जीवन यह तय करने के लिए समर्पित कर दिया है कि किसान आत्महत्या न करें. मैंने इसे अपना मिशन बना लिया है.

किसानों की इनकम बढ़ाने पर जोर

उन्होंने कहा कि देश का किसान न केवल "अन्नदाता" है, बल्कि उसे ऊर्जा, विमानन ईंधन और बिटुमेन देने वाला भी बनना चाहिए, उन्होंने फसल उगाने वालों को "ऊर्जादाता" कहा. उन्होंने कहा कि नागपुर में किसान इथेनॉल का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि भारत 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है. उन्होंने कहा कि अगर किसानों की इनकम बढ़ेगी, तो वे अपने गांव नहीं छोड़ेंगे. गडकरी ने कहा कि देश में डेवलपमेंट के कामों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऐसे ईमानदार लोगों की कमी है जो गांवों, गरीबों और किसानों के लिए ईमानदारी से काम करें.

'किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे शिवराज'

उन्होंने कहा कि MP खेती में आगे रहने वाले राज्यों में से एक है, और इसके बासमती चावल और शरबती गेहूं दुनिया भर में मशहूर हैं. विदिशा लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कृषि मंत्री की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान किसानों की भलाई के लिए लगातार काम कर रहे हैं. गडकरी ने कहा कि उनके होमटाउन नागपुर ने सिर्फ़ ट्रीटेड टॉयलेट के पानी को बेचकर 300 करोड़ रुपये कमाए और कहा कि अगर देश में सही नेता हों, तो कचरे को भी दौलत में बदला जा सकता है. (PTI)

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