Agriculture Live Blogदेश के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी से अब राहत मिलने के संकेत हैं. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों में हीटवेव और गंभीर हीटवेव की स्थिति कमजोर पड़ने लगी है. हालांकि राजस्थान, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म हवाओं का असर अभी बना रह सकता है, लेकिन अगले दिन से इसमें भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है. दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत और उससे सटे पूर्वी राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां दर्ज होने के आसार हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
जालना जिले के घनसावंगी तहसील में तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है. हालांकि इस बारिश और आंधी ने कई गांवों में भारी नुकसान भी पहुंचाया है. तीर्थपुरी, खापरदेव हिवरा, सिद्धेश्वर पिंपलगांव, बोधलपुरी, ताडहदगांव, एकलहरा समेत कई गांवों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई. कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए, जबकि घरों की छतों के टीन उड़ गए. खेतों में लगाए गए सौर ऊर्जा पैनलों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में पूरे हफ्ते लू और भीषण गर्मी से राहत मिले रहने की संभावना है. तापमान सामान्य के आस-पास रह सकता है. IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने की वजह से आस-पास के कई राज्यों में हवा, धूल और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, फिलहाल मॉनसून की दस्तक में भी 2-3 दिन की देरी है.
पिछले मार्च महीने से लगातार 45 से 47 डिग्री की भीषण गर्मी का सामना कर रहे अमरावती के लोगों को आखिरकार राहत की फुहार मिली. सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा, बिजली की गरज और चमक के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई.
करीब एक घंटे तक हुई इस झमाझम बारिश ने तपती धरती को ठंडक दी और पूरे शहर का मौसम खुशनुमा बना दिया. लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान लोग इस बारिश से राहत महसूस करते नजर आए.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, सोमवार को आंध्र प्रदेश में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है; राज्य के कुछ हिस्सों में जहां भीषण गर्मी जारी रहेगी, वहीं कई ज़िलों में बारिश के साथ-साथ तूफ़ान आने की भी उम्मीद है.
APSDMA ने बताया कि रविवार को पूरे राज्य में मौसम की स्थिति अलग-अलग रही; कुछ इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, जबकि बारिश लाने वाले सिस्टम आंध्र प्रदेश के मौसम के मिजाज को प्रभावित करते रहे.
इटावा में रविवार देर शाम आई तेज रफ्तार आंधी कहर बनकर टूटी. इकदिल के केशोपुर गांव और भरथना क्षेत्र में दीवारें गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. इकदिल में दीवार गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकत्री विद्यावती उम्र लगभग 62 वर्ष की मौत हुई है पति कैलाश बाबू गंभीर घायल हैं, दो मवेशी भी दबकर मर गए हैं, भरथना तहसील क्षेत्र में किसान जाहर सिंह उम्र लगभग 60 वर्ष की मौत हुई, पत्नी गंभीर रूप से घायल, इस प्रकार से तेज आंधी में कुल 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
झारखंड में कमर्शियल गैस और छोटे सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है. खासकर रांची में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए रसोई का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है. गैस की कीमत बढ़ने के कारण कई छात्रों ने सुबह का पारंपरिक नाश्ता, जैसे रोटी-सब्जी या रोटी-भुजिया बनाना छोड़ दिया है और अब वे ब्रेड और केले खाकर काम चला रहे हैं. रांची के लालपुर स्थित एक लॉज में रहने वाले छात्र बताते हैं कि पहले गैस रिफिलिंग का खर्च करीब 100 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 250 रुपये प्रति किलो हो गया है. वहीं मेस और टिफिन का खर्च भी लगभग 6,000 रुपये महीने तक पहुंच गया है. ऐसे में सीमित आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है. हजारीबाग के सोनू कुमार साहू, जिनके पिता दर्जी हैं, और पलामू के आशीष कुमार, जिनके पिता किसान हैं, बताते हैं कि वे परिवार पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहते. गैस भरवाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है. छात्रों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच पढ़ाई और रोजमर्रा का खर्च दोनों संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि इसका बोझ किसानों पर न पड़े. इसी वजह से सरकार लगातार सब्सिडी देकर किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध करा रही है, ताकि खेती की लागत न बढ़े और किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में रविवार देर शाम आई तेज आंधी ने भारी तबाही मचा दी. इकदिल क्षेत्र के केशोपुर गांव और भरथना इलाके में दीवार गिरने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब छह लोग घायल हो गए. केशोपुर गांव में दीवार गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकत्री विद्यावती (62) की मौत हो गई, जबकि उनके पति कैलाश बाबू गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में दो मवेशियों की भी जान चली गई. वहीं भरथना क्षेत्र में किसान जाहर सिंह (60) की दीवार गिरने से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. मृतक किसान जाहर सिंह के बेटे वीर सिंह ने बताया कि उनके माता-पिता घर में अकेले रहते थे और तिरपाल के सहारे जीवन गुजार रहे थे. घटना के समय वह मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अवनीश दुबे ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा. प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और घायलों का इलाज जारी है.
विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर हरियाणा के करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में महिला किसानों को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष कार्यक्रम की थीम "सेलिब्रेटिंग डेयरी फार्मर्स" रखी गई, जिसका उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था. एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि डेयरी व्यवसाय में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है. उन्होंने बताया कि करनाल के मंगलौरा गांव की महिलाओं ने एनडीआरआई से प्रशिक्षण लेकर एक डेयरी यूनिट और सोसायटी बनाई है. यह समूह दूध, दही, मक्खन, पनीर और लस्सी जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रहा है. कार्यक्रम में महिला समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल भी उपलब्ध कराए गए. महिला किसानों ने बताया कि इस मंच से उन्हें अपने उत्पादों को पहचान दिलाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है. महिलाओं ने कहा कि ऐसे प्रयास अन्य महिला समूहों को भी प्रेरित करेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देंगे.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने लोगों से घबराने की बजाय सरकार पर भरोसा रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में 80 से 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जबकि भारत में इसका असर सीमित रहेगा. दिनेश शर्मा ने दावा किया कि देश के पास अगले 20 दिनों के लिए पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों से पेट्रोल और डीजल आयात करने की व्यवस्था भी की गई है. उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी. भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह बढ़ोतरी केवल कमर्शियल सिलेंडरों पर लागू हुई है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां असाधारण हैं और ऐसे समय में लोगों को अफवाहों से बचते हुए सरकार की तैयारियों पर भरोसा रखना चाहिए.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि गांवों से दूध, फल और सब्जियां बेचने के लिए मोटरसाइकिल से शहर आने वाले किसानों को राज्य सरकार हेलमेट उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 134वां एपिसोड सुनने के बाद किसानों से बातचीत के दौरान की. उन्होंने कहा कि हेलमेट न पहनने के कारण किसान सड़क दुर्घटनाओं के खतरे में रहते हैं, इसलिए सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य ने इस बार 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा है, जो एक रिकॉर्ड है. साथ ही करीब 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदकर भी नया कीर्तिमान बनाया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सोयाबीन के लिए भावांतर योजना और उड़द पर पहली बार बोनस देने जैसे कदम किसानों के हित में उठाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित किया गया है, जिसके तहत खेती को लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जाएगा.
आज प्रातः 11 बजे रामासिया गांव, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश से प्रारंभ होगा "खेत बचाओ अभियान" 1 से 30 जून तक देशभर में चलेगा "खेत बचाओ अभियान"
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा चलाए जाने वाले 'खेत बचाओ अभियान' के तहत आईआईवीआर अब सीधे किसानों के खेतों में उतर रहा है. इस अभियान के तहत 1 से 30 जून 2026 तक आईआईवीआर के प्रत्येक वैज्ञानिक व्यक्तिगत रूप से किसानों के खेतों का दौरा करेंगे और फसल, मिट्टी, जल और कीट प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे. आईआईवीआर वाराणसी के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा, 1 जून से “कृषि मंत्रालय और आईसीएआर के निर्देशानुसार शुरू हो रहा आईआईवीआर का ‘खेत बचाओ अभियान’ मिट्टी, जल और फसल के स्वास्थ्य को बचाने के लिए एक व्यापक पहल है. इसमें हमारे संस्थान के प्रत्येक वैज्ञानिक अगले 30 दिन तक किसानों के खेतों में जाएंगे, उनकी समस्याएं स्वयं देखेंगे और वैज्ञानिक समाधानों से उन्हें अवगत कराएंगे. यह अभियान केवल जानकारी नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी स्वास्थ्य सुधारने की ओर एक ठोस कदम है.”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा उत्तर प्रदेश में 17 दिनों का विशेष अभियान चलाएगी. "12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के" थीम के साथ यह अभियान 5 जून से शुरू होकर 21 जून, विश्व योग दिवस तक चलेगा. अभियान की शुरुआत "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम से होगी. इस दौरान गांवों में कल्याण शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं के लिए लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा. इसके अलावा सभी जिलों में प्रबुद्ध जन सम्मेलन, किसान मोर्चा की ओर से प्राकृतिक खेती पर कृषि कार्यशालाएं, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान और प्रगति यात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. वहीं 11 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे.
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ दिखाई दे रही है. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के मेहकर तहसील स्थित आरेगांव गांव में एक किसान की मजबूरी चर्चा का विषय बन गई. किसान विनायकराव टाले के ट्रैक्टर का डीजल खेत में काम करते समय खत्म हो गया. जिला प्रशासन द्वारा प्लास्टिक की कैन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाए जाने के कारण किसान ने अपने ट्रैक्टर को बैलगाड़ी से बांधा और करीब 5 किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप तक खींचकर ले गया. वहां पहुंचकर उसने ट्रैक्टर में डीजल भरवाया. किसान ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है तो कैन में ईंधन देने पर रोक क्यों लगाई गई है. उन्होंने दावा किया कि जमीनी हकीकत और प्रशासनिक दावों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है.

देश के कई राज्यों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. उत्तर भारत के उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम खराब रह सकता है और कई स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है. दक्षिण भारत के लगभग सभी राज्यों के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र सहित मध्य एवं पश्चिम भारत के कई राज्य भी प्रभावित रहेंगे. वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है.
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