किसान तक के मंडी पेज पर आपका स्वागत है। यहां आप देश की हर मंडी में चल रहा फसल का दाम देख सकते हैं। आपको पुराने मंडी भाव की जानकारी भी इस पेज पर मिलेगी। देश भर की मंडियों में आज का सबसे ज्यादा भाव रहा रुपये/क्विंटल और सबसे कम भाव रहा रुपये/क्विंटल ।
| राज्य | मंडी | कृषि जिंस | आवक (क्विंटल में) | व्यापार (क्विंटल में) | दिनांक |
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महाराष्ट्र में प्याज किसानों का विरोध तेज हो गया है. किसानों ने न्यूनतम 3000 रुपये प्रति क्विंटल की गारंटीशुदा कीमत की मांग को लेकर पुणे-नासिक हाईवे जाम किया. महंगाई, कम दाम और कमजोर मॉनसून की आशंका से किसान संकट में हैं.
मध्य प्रदेश में सरकारी गेहूं खरीद बंद होने के बाद मंडियों में किसानों को एमएसपी मिलना मुश्किल हो गया है. कई मंडियों में गेहूं 500 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि तय समर्थन मूल्य 2585 रुपये है. ज्यादातर मंडियों में मॉडल कीमतें एमएसपी से नीचे दर्ज की जा रही हैं.
भारत में गेहूं की सरकारी खरीद ने इस साल नया रिकॉर्ड बनाया है. 31 मई तक 3.49 करोड़ टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जो सरकार के संशोधित लक्ष्य से अधिक है. पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश ने इसमें अहम योगदान दिया. रिकॉर्ड खरीद के बाद एफसीआई के भंडार में गेहूं का स्टॉक बफर मानक से काफी ऊपर पहुंच गया है.
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसान संकट में हैं. कई जगह किसानों को 50 पैसे से 2 रुपये प्रति किलो के भाव मिल रहे हैं, जो लागत से काफी कम है. मौसम और एक्सपोर्ट पॉलिसी को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है.
महाराष्ट्र में प्याज किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है, जहां बीड के एक किसान को अपनी उपज मात्र 50 पैसे प्रति किलो के भाव पर बेचनी पड़ी. राज्य भर की मंडियों में प्याज के दाम 1-2 रुपये किलो तक गिर गए हैं. आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान सड़कों पर उतर आए हैं और उचित दाम की मांग कर रहे हैं.
देशभर की मंडियों में मक्का के भाव अब भी MSP से काफी नीचे चल रहे हैं. मई में कुछ राज्यों में हल्की तेजी जरूर आई, लेकिन किसानों का कहना है कि मौजूदा दामों पर लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. ऐसे में खरीफ सीजन में मक्का का रकबा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
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