
कॉमर्स मिनिस्ट्री की ब्रांच एपीडा ने एग्री-फूड और एग्री-टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए एक पहल शुरू की है. इसका मकसद इनोवेशन को बढ़ावा देना और युवा एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक्सपोर्ट के नए मौके बनाना है. एपीडा की इस पहल को उन तमाम लोगों के लिए बोनस माना जा रहा है जो इस दिशा में कुछ करना चाहते हैं. विशेषज्ञों की मानें तो इससे युवा टेक एक्सपर्ट्स को कृषि के क्षेत्र में कुछ नया करने का मौका मिल सकेगा.
एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि यह पहल- BHARATI, जिसका मतलब है भारत का हब फॉर एग्रीटेक, रेजिलिएंस, एडवांसमेंट एंड इनक्यूबेशन फॉर एक्सपोर्ट इनेबलमेंट, एग्री सेक्टर के स्टार्ट-अप्स को मजबूत बनाने के लिए डिजाइन की गई है. ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडसफूड 2026 शो के दौरान देव ने कहा, 'हम टॉप 10 स्टार्टअप्स को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोडक्ट्स दिखाने का मौका देंगे.' तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम को ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) ऑर्गनाइज कर रहा है.
एग्री एक्सपोर्ट पर, देव ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितताओं के बावजूद देश का एग्री एक्सपोर्ट अच्छी ग्रोथ दर्ज कर रहा है. उनका कहना था कि इस साल भी रिकॉर्ड ग्रोथ की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि एपीडा की तरफ से प्रमोटेड एक्सपोर्ट में अप्रैल-नवंबर 2025-26 के दौरान 7 प्रतिशत की अच्छी-खासी ग्रोथ दर्ज की गई है. यह बढ़कर 18.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. साल 2024-25 में यह 28.5 बिलियन डॉलर था. देव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में उन्हें उम्मीद है कि यह आंकड़ा 30 अरब डॉलर तक पार कर जाएगा.
वहीं टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि 120 से ज्यादा देशों के भागीदार तीन दिन के फूड और बेवरेज शो में शामिल हो रहे हैं. चीन, जॉर्डन, UAE, सऊदी अरब, फिलीपींस, नेपाल और लेबनान जैसे देशों के बायर और एग्जिबिटर इस शो के लिए इंडिया में हैं. सिंगला ने कहा, 'हम 30 देशों के 2,200 से ज्यादा एग्जिबिटर्स को एक साथ लाते हैं. हमें 120 से ज्यादा देशों के 15,000 से ज्यादा बायर और ट्रेड विजिटर्स की मेजबानी का मौका मिला है. साथ ही हम पूरी फूड और बेवरेज वैल्यू चेन – ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टैलेंट – को एक ही वाइब्रेंट इकोसिस्टम में इंटीग्रेट करते हैं.'
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