
लखपति दीदी अनुपमाउत्तर प्रदेश के जनपद संभल के छोटे से गांव बनियाखेड़ा से निकली एक महिला की मेहनत और नवाचार अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है. गाय के गोबर से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी ‘लखपति दीदी’ अनुपमा सिंह को सरकार ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. 26 जनवरी को दिल्ली के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में अनुपमा देश के 18 राज्यों से चुनी गई महिलाओं में शामिल होंगी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ तीन मिनट तक मंच साझा करेंगी.
अनुपमा को इस सम्मान की जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर मिली. लखनऊ और दिल्ली से आए संदेश में उन्हें बताया गया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वे गोमय उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता की अपनी कहानी देश के सामने रखेंगी. यह खबर मिलते ही गांव और परिवार में खुशी का माहौल बन गया.
अनुपमा सिंह ने वर्ष 2020 में गाय के गोबर से उत्पाद बनाने का काम शुरू किया था. शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन मेहनत और निरंतर प्रयोग ने उनके काम को पहचान दिलाई. आज वे मोबाइल स्टैंड, देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार घड़ी, आसन, माला, पटरा, चौकी, एक्यूप्रेशर चटाई जैसे कई उपयोगी और सजावटी उत्पाद तैयार कर रही हैं.

अनुपमा की कहानी में संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया की भूमिका भी अहम रही. अपने उत्पादों के साथ जब अनुपमा डीएम से मिलीं तो उन्होंने न केवल हौसला बढ़ाया, बल्कि अपने खर्च पर उन्हें नागपुर में विशेष प्रशिक्षण दिलवाया. इस ट्रेनिंग के बाद अनुपमा के उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार दोनों मजबूत हुए.
लगातार बढ़ती मांग और बेहतर मार्केटिंग के चलते अनुपमा ने महज एक साल में करीब 25 लाख रुपये का कारोबार खड़ा किया. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली एक गरीब महिला का इस तरह लखपति दीदी बनना अब कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है.
26 जनवरी को दिल्ली परेड ग्राउंड के मंच से अनुपमा गोमय उत्पादों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर बात करेंगी. उनका उद्देश्य सिर्फ अपने उत्पादों का प्रचार नहीं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है. संभल की अनुपमा आज यह साबित कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और मेहनत से गांव की महिलाएं भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती हैं. (अनूप कुमार की रिपोर्ट)
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