US-India ट्रेड डील में कृषि और डेयरी हित सुरक्षित, MSME और निर्यात को मिलेगा फायदा: गोयल

US-India ट्रेड डील में कृषि और डेयरी हित सुरक्षित, MSME और निर्यात को मिलेगा फायदा: गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील में कृषि और दुग्ध जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हित सुरक्षित रखे गए हैं. यह समझौता एमएसएमई, श्रम-प्रधान निर्यात और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को नई गति देगा.

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US-India ट्रेड डील में कृषि और डेयरी हित सुरक्षित, MSME और निर्यात को मिलेगा फायदा: गोयलअमेरिका-भारत ट्रेड डील

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर संसद में जानकारी दी. बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए गोयल ने कहा कि ट्रेड डील में भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है. खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की प्रमुख संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है. साथ ही यह साझेदारी देश में एमएसएमई उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नए अवसर खोलेगी.

पीयूष गोयल ने कहा, भारत अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ये दुनिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत चुनाव को भी दर्शाता है. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने कई बार, सार्वजनिक रूप से कहा है- 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोत्तम प्राथमिकता है.

भारत-अमेरिका के बीच लाभकारी समझौता

संसद में वाणिज्य मंत्री ने कहा, भारत और अमेरिका एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को संपन्न करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चर्चा करते रहे. इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष के वार्ताकारों ने कई स्तरों पर गहन बातचीत की है. दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण और विविध हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे. मीटिंग के दौरान भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है. अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे. लगभग 1 साल तक बात चली. कई दौर के विचार विमर्श के बाद दोनों वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे.

डील के बारे में जानकारी देते हुए गोयल ने कहा, 2 फरवरी को प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर पर चर्चा की. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में किए जाने वाले भारतीय निर्यात की दर घटाने की घोषणा की. मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि ये अमेरिका का कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए टैरिफ से कम है. 

समझौते की रूपरेखा जल्द घोषित

गोयल ने कहा, यह समझौता भारतीय निर्यातकों को विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों में महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है. मैं इस सम्मानित सदन के समक्ष ये दोहराना चाहता हूं कि खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की प्रमुख संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है साथ ही, यह साझेदारी लघु और मध्यम एमएसएमई को मजबूती देगी. आगे की कारवाई के संदर्भ में दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि इसकी पूरी क्षमता का शीघ्रता से लाभ उठाया जा सके. समझौते की विस्तृत रूप रेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के तुरंत बाद घोषित की जाएगी. 

ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित

वाणिज्य मंत्री ने कहा, जैसाकि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोत्तम प्राथमिकता है. भारत और अमेरिका काफी हद तक एक दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्था हैं. जैसे जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, विमान, डाटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में आवश्यकता होगी. अमेरिका इन क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है. इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है, जिससे ना केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा. 

गोयल ने कहा, भारत का निर्यात अमेरिका में भी काफी बड़ा है. विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ ये समझौता आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास और नवाचार को गति प्रदान करेगा. यह समझौता भारत की जनता और राष्ट्र के व्यापक हित में है और देश को बहुत लाभ देगा. यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाता है.

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