मैनपुरी में सफल रहा किसान कारवांखेती के लिए मशहूर मैनपुरी जिले में एक खास कार्यक्रम हुआ. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप किसान तक ने मिलकर “किसान कारवां” लेकर ब्लॉक बरनाहल के डालूपुर गांव पहुंचे. इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों के किसान बड़ी खुशी और उत्साह के साथ शामिल हुए. इस कार्यक्रम में किसानों को खेती की नई और आसान तकनीकों के बारे में बताया गया. उन्हें अच्छे बीज, मिट्टी की देखभाल, सही खाद डालने और फसल को कीड़ों से बचाने के तरीके समझाए गए.
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर किसान सही तरीका अपनाएं तो कम खर्च में ज्यादा फसल उगा सकते हैं. साथ ही बदलते मौसम के अनुसार फसल उगाने और पानी बचाने का महत्व भी बताया गया.
किसान कारवां में आए विशेषज्ञों ने किसानों की बातें ध्यान से सुनीं. उन्होंने रोग और कीट से फसल बचाने, जैविक खेती करने, ड्रिप सिंचाई लगाने और सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के तरीके बताए. किसानों ने सीधे सवाल पूछे और अपनी सभी शंकाओं के जवाब पाए.
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप पांडे ने किसानों को पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया.
उन्होंने कहा कि पशु बीमा योजना में सरकार दुधारू पशुओं पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की केसीसी योजना में दो पशुओं पर ₹1,20,000 तक का लोन बहुत कम ब्याज पर मिलता है.
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित कुमार ने किसानों को बताया कि आज भी कई किसान पुराने तरीके से खेती कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि साधारण यूरिया और डीएपी का केवल 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा ही पौधों को मिलता है.
इसलिए उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने को कहा, जिससे खर्च कम और पैदावार ज्यादा होती है.
कृषि विभाग के एडीओ कृषि शेर सिंह ने मिट्टी की जांच कराने का महत्व बताया. उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच से पता चलता है कि खेत में किस चीज़ की कमी है. इससे सही खाद डालकर फसल अच्छी होती है और मिट्टी भी स्वस्थ रहती है.
वहीं कृषि विभाग के तकनीकी अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फार्म रजिस्ट्री कराने से किसान सरकार की सभी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं, क्योंकि अब ज्यादातर योजनाएं फार्म रजिस्ट्री से जुड़ी हैं.
चंबल फर्टिलाइजर्स के अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने किसानों को बताया कि उनकी कंपनी आगरा में एक आधुनिक मृदा परीक्षण लैब चला रही है. यहां हर साल करीब 70 हजार मिट्टी की जांच मुफ्त की जाती है. उन्होंने बताया कि कंपनी के उत्पाद उत्तम प्रणाम और उत्तम सुपर राइजा फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं.
जिला कृषि अधिकारी अभिशांक सिंह ने किसानों को सावधान किया. उन्होंने कहा कि ज्यादा यूरिया और कीटनाशक डालने से खेत खराब होते हैं और इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. जो चीज़ हम मिट्टी में डालते हैं, वही अनाज और खाने में आती है, इसलिए मिट्टी की सेहत बचाना बहुत जरूरी है.
किसान कारवां के एक चरण में जादूगर सलमान ने जादू दिखाकर खाद, बीज और मिट्टी की देखभाल का संदेश दिया. उनका अंदाज बहुत मजेदार था, जिसे किसानों ने खूब पसंद किया.
कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ निकाला गया. इसमें 500 रुपये के 10 सांत्वना पुरस्कार, 2000 रुपये का द्वितीय पुरस्कार और 3000 रुपये का प्रथम पुरस्कार दिया गया. 2000 रुपये का इनाम महिला किसान शोधा देवी को मिला और 3000 रुपये का इनाम महिला किसान मीरा देवी ने जीता.
कुल मिलाकर, डालूपुर गांव में हुआ किसान कारवां कार्यक्रम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद और ज्ञान देने वाला रहा. इससे मैनपुरी जिले में उन्नत, टिकाऊ और लाभकारी खेती को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
1. किसान कारवां क्या है?
किसानों से सीधे जुड़ने वाला किसान तक का विशेष कृषि अभियान.
2. किसान कारवां का उद्देश्य क्या है?
किसानों की समस्याएं, समाधान और नई जानकारी सामने लाना.
3. किसान कारवां किन जगहों पर हो रहा है?
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में.
4. किसान कारवां किन किसानों के लिए है?
छोटे, सीमांत, युवा, महिला और प्रगतिशील किसान-सभी के लिए.
5. किसान कारवां में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
खेती, लागत घटाने के तरीके, तकनीक और योजनाओं की जानकारी.
6. क्या किसान अपनी समस्या सीधे बता सकते हैं?
हां, किसान अपनी बात सीधे मंच पर रख सकते हैं.
7. क्या इसमें भाग लेने के लिए शुल्क है?
नहीं, किसानों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है.
8. किसान कारवां की जानकारी कहां मिलेगी?
किसान तक के सोशल मीडिया हैंडल और यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/@kisantakofficial पर
ये भी पढ़ें:
Big News: तुअर की गिरती कीमत पर सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को ऐसे मिलेगी राहत
'दाल पर लगा 30% टैरिफ हटाए भारत', अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप से लगाई गुहार, जानें पूरा मामला
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today