टूटे चावल पर सरकार का बड़ा फैसला, 2100 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ रिजर्व प्राइस

टूटे चावल पर सरकार का बड़ा फैसला, 2100 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ रिजर्व प्राइस

सरकार ने जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए टूटे चावल का रिजर्व प्राइस 2,100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. OMSS-D के तहत कच्चे और उबले हुए दोनों तरह के टूटे चावल की बिक्री इसी कीमत पर होगी.

Advertisement
टूटे चावल पर सरकार का बड़ा फैसला, 2100 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ रिजर्व प्राइसटूटे चावल

भारत सरकार ने जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम-डोमेस्टिक (OMSS-D) के तहत टूटे हुए चावल की बिक्री के लिए रिजर्व प्राइस तय कर दिया है. सरकार ने कच्चे और बॉइल्ड यानी उबले हुए टूटे चावल, दोनों के लिए 2,100 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम मूल्य तय किया है. यह फैसला चावल की उपलब्धता बढ़ाने और खुले बाजार में इसकी बिक्री को व्यवस्थित करने के लिए लिया गया है. यह घोषणा 20 अगस्त को हुई डायनामिक रिजर्व प्राइस कमेटी की बैठक के बाद की गई. खास बात यह है कि पहली बार सरकार ने OMSS-D के तहत टूटे चावल के लिए यह रिजर्व प्राइस तय किया है.

खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए कच्चे और बॉइल्ड टूटे चावल का रिजर्व प्राइस 2,100 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. यह कीमत 30 सितंबर तक होने वाली नीलामी पर लागू रहेगी. चावल की नीलामी के बाद उसकी उठान यानी डिलीवरी कब होती है, इससे रिजर्व प्राइस पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

क्या है OMSS-D?

ओपन मार्केट सेल स्कीम-डोमेस्टिक (OMSS-D) के तहत सरकार अपने पास मौजूद खाद्यान्न का कुछ हिस्सा खुले बाजार में बेचती है. इसका उद्देश्य बाजार में खाद्यान्न की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करना है. जब बाजार में किसी खाद्यान्न की कीमत बढ़ने लगती है या उसकी उपलब्धता कम होने की आशंका होती है, तब सरकार अपने स्टॉक से अनाज की बिक्री कर सकती है. इससे बाजार में सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलती है.

खुले बाजार में भाव कम रहने की संभावना

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खुले बाजार में टूटे चावल की कीमत OMSS-D के तहत तय किए गए रिजर्व प्राइस से भी कम रह सकती है. इसकी वजह आने वाले समय में चावल की आवक बढ़ने की संभावना बताई जा रही है. अगर बाजार में चावल की सप्लाई बढ़ती है तो कीमतों पर दबाव बन सकता है. ऐसे में कारोबारियों को खुले बाजार से कम कीमत पर चावल मिलने की संभावना हो सकती है.

खरीदारों को मिलेगा विकल्प

सरकार के इस फैसले से चावल कारोबारियों और अन्य खरीदारों को OMSS-D की नीलामी के जरिए टूटे चावल खरीदने का विकल्प मिलेगा. वहीं, सरकार को उम्मीद है कि खुले बाजार में अतिरिक्त चावल उपलब्ध होने से बाजार में सप्लाई बेहतर होगी और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी. फिलहाल 2,100 रुपये प्रति क्विंटल का रिजर्व प्राइस 30 सितंबर 2026 तक होने वाली नीलामी के लिए लागू रहेगा.

POST A COMMENT