Fruit Farming: पूरे साल नहीं उगता यह फल फिर भी मुनाफा देता है भरपूर, प्रोसेसिंग इंडस्‍ट्री में है इसकी बड़ी मांग 

Fruit Farming: पूरे साल नहीं उगता यह फल फिर भी मुनाफा देता है भरपूर, प्रोसेसिंग इंडस्‍ट्री में है इसकी बड़ी मांग 

बेर भारत में बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला लोकप्रिय फल है, जो विटामिन C, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. बेर फ्रूट प्रोसेसिंग से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिलता है और नुकसान भी कम होता है. यह इंडस्ट्री ग्रामीण इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा कर सकती है.

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Fruit Farming: पूरे साल नहीं उगता यह फल फिर भी मुनाफा देता है भरपूर, प्रोसेसिंग इंडस्‍ट्री में है इसकी बड़ी मांग 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों की आय बढ़ाने में फूड प्रोसेसिंग की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है. भारत में आसानी से उपलब्ध और पोषण से भरपूर बेर ऐसा ही एक फल है जिसे अगर सही तरीके से प्रोसेस किया जाए तो इससे सालभर इनकम का जरिया तैयार किया जा सकता है. बेर फ्रूट प्रोसेसिंग न सिर्फ इसके स्वाद और पोषण को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है बल्कि इससे एक पूरी इंडस्ट्री खड़ी करने की भी बड़ी संभावना है. खास बात है कि बेर पूरे साल नहीं उगता है लेकिन अगर इसे सही तरह से प्रोसेस किया जाए तो यह पूरे साल इनकम देता है. 

पोषण से भरपूर देसी सुपरफ्रूट

बेर भारत में बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला लोकप्रिय फल है, जो विटामिन C, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह पारंपरिक भारतीय आहार का अहम हिस्सा माना जाता है.बेर जिसे कहीं-कहीं बोर भी कहा जाता है  का नियमित सेवन इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने, पाचन सुधारने, खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाने और थकान व कमजोरी कम करने में मदद करता है. हालांकि, यह एक मौसमी फल है और सीज़न खत्म होने के बाद यह ताजे स्वरूप में आसानी से उपलब्ध नहीं रहता. ऐसे में प्रोसेसिंग के जरिये इसके स्वाद और पोषण को सुरक्षित रखते हुए बाजार में सालभर उपलब्ध कराया जा सकता है.

प्रमुख प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स

मुरब्बा
बेर का मुरब्बा एक पारंपरिक और बेहद पौष्टिक उत्पाद है. छोटे और मध्यम आकार के पके बेर को छीलकर चीनी की चाशनी में पकाया जाता है. इससे बोर में मौजूद पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. मुरब्बा सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है.

चटनी
बेर से बनी मीठी-खट्टी और हल्की तीखी चटनी पके या आधे पके बोर, गुड़ या चीनी और मसालों से तैयार की जाती है. यह भूख बढ़ाने के साथ पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी बढ़ाती है और गांवों में रोजमर्रा के खाने का हिस्सा है.

सूखा बेर (ड्राई बेर)
बेर को धूप या मैकेनिकल ड्रायर में सुखाकर ड्राई बेर तैयार किया जाता है. इसकी शेल्फ लाइफ लंबी होती है और यह एक नेचुरल एनर्जी स्नैक माना जाता है जिसे यात्रा या उपवास के दौरान आसानी से खाया जा सकता है.

जूस और स्क्वैश
पूरी तरह पके बेर से निकाला गया जूस विटामिन्स से भरपूर होता है और गर्मियों में ठंडे पेय के रूप में काफी लोकप्रिय है. इसकी नेचुरल मिठास के कारण इसमें चीनी कम मिलानी पड़ती है. वहीं, स्क्वैश जूस में चीनी, साइट्रिक एसिड और प्रिज़र्वेटिव मिलाकर तैयार किया जाता है.

जैम और जेली
बेर के पल्‍प से बना जैम स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होता है. इसका इस्तेमाल ब्रेड, बिस्कुट और बेकरी प्रोडक्ट्स के साथ किया जाता है. जेली भी इसी तरह से तैयार की जाती है.

कैंडी
बेर के टुकड़ों को चीनी की चाशनी में भिगोकर सुखाया जाता है जिससे स्वादिष्ट कैंडी तैयार होती है. यह बच्चों के लिए और चलते-फिरते खाने के लिए एक अच्छा विकल्प है.

पाउडर
सूखे बोर को पीसकर पाउडर बनाया जाता है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं, हेल्थ ड्रिंक्स और न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स में किया जाता है.

वाइन और सिरप
कुछ क्षेत्रों में बेर के फर्मेंटेशन से वाइन बनाई जाती है. वहीं, बेर सिरप का इस्तेमाल दवा और न्यूट्रिशनल ड्रिंक के रूप में किया जाता है.आधुनिक फूड प्रोसेसिंग में इन प्रोडक्ट्स पर लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं.

आर्थिक और औद्योगिक महत्व

बेर फ्रूट प्रोसेसिंग से किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिलता है और नुकसान भी कम होता है. यह इंडस्ट्री ग्रामीण इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा कर सकती है. सही ट्रेनिंग और मार्केटिंग के साथ बोर प्रोसेसिंग एक सफल और टिकाऊ ग्रामीण उद्योग बन सकती है.

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