Bank Strike 2026बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के आखिरी दिनों में जरूरी खबर सामने आई है. बैंक कर्मचारी संगठनों ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है. ऐसे में बैंकों ने अपने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल के कारण होने वाली किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपने जरूरी बैंकिंग काम 25 सितंबर 2026 या उससे पहले निपटा लें. बैंकों की ओर से ग्राहकों को भेजे जा रहे SMS में कहा गया है कि शाखाओं से जुड़े जरूरी काम समय रहते पूरे कर लेना बेहतर होगा.
बैंकिंग सेवाओं को लेकर ग्राहकों को सलाह दी गई है कि अगर उन्हें बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो उसे 25 सितंबर तक पूरा कर लें. इसमें ऐसे काम शामिल हैं जिनके लिए बैंक शाखा में जाना जरूरी होता है. हड़ताल के दौरान शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है, इसलिए ग्राहकों को पहले से तैयारी करने के लिए कहा गया है. बैंक की ओर से यह भी कहा गया है कि ग्राहकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को उपलब्ध रखने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.
बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान ग्राहकों के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. बैंक की ओर से भेजे गए संदेश में कहा गया है कि ATM, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) सेवाएं उपलब्ध रखने का हर संभव प्रयास किया जाएगा. हालांकि, शाखाओं से जुड़े कुछ काम प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर काम पूरा करना है, उन्हें 25 सितंबर तक इसे निपटाने की सलाह दी गई है.
बैंक कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल अपनी कुछ प्रमुख मांगों को लेकर किया है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कुछ अन्य यूनियनों और एसोसिएशनों ने दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है. इन संगठनों को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों का भी समर्थन प्राप्त है. यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी PLI योजना को वापस लेना शामिल है.
यूनियनों की मांगों को लेकर सरकार और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत भी हुई है. सरकार ने यूनियनों की चिंताओं को देखते हुए PLI योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया है. इस तरह यूनियनों की दो प्रमुख मांगों में से एक पर सरकार की ओर से फैसला लिया जा चुका है. हालांकि, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं.
बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों को लेकर सरकार और यूनियनों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. इसके बावजूद 11 सितंबर 2026 को बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल की थी. अब कर्मचारी संगठनों की ओर से 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की हड़ताल प्रस्तावित है. इसके बाद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी प्रस्ताव रखा गया है.
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों से ग्राहकों को निर्बाध बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इन बैंकों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचती हैं. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने और लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में इनकी अहम भूमिका है.
ऐसे में बैंक ग्राहकों के लिए सलाह है कि अगर उन्हें किसी जरूरी बैंकिंग काम के लिए शाखा जाना है तो वे इसे 25 सितंबर से पहले पूरा कर लें. वहीं, रोजमर्रा के लेनदेन के लिए ATM, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, हड़ताल के दौरान सेवाओं की उपलब्धता या कामकाज पर असर की स्थिति बैंक और सेवा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
ये भी पढ़ें:
शिवसेना यूबीटी ने सूखे को लेकर कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च, फसल मुआवजे पर सरकार को दिया अल्टीमेटम
ओडिशा-आंध्र में मौसम खराब रहने की चेतावनी, IMD ने कई राज्यों में जारी किया अलर्ट
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today