
गेहूं की खेतीदेश के कई राज्यों में धान की कटाई शुरू होते ही किसान गेहूं की खेती की तैयारियों में जुड़ गए हैं. ऐसे में किसान कई बार गेहूं की उन्नत किस्मों को लेकर उलझन में पड़ जाते हैं. वे मिट्टी और जलवायु के हिसाब से सही गेहूं की किस्मों का चयन नहीं कर पाते हैं, जिससे उपज और क्वालिटी में गिरावट आती है. लेकिन अब उन किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एक सरकारी संस्था गेहूं की बेस्ट क्वालिटी के बीज बेच रही है, जिसे खरीदकर किसान गेहूं की बंपर उपज ले सकते हैं. आइए जानते हैं कहां से खरीद सकते हैं इस किस्म के बीज और क्या है उसकी खासियत.

डी बी डब्ल्यू 303 (करण वैष्णवी) गेहूं की एक खास किस्म है. इस किस्म को भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा विकसित किया गया है. ये किस्म उत्तर पश्चिम भारत के किसानों के लिए काफी फायदेमंद है. यह किस्म वर्ष 2021 में अधिसूचित की गई थी और इसे विशेष रूप से सिंचित क्षेत्र और अगेती बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है. वहीं, इस किस्म से किसानों को बंपर उपज मिलती है. बात करें इसके बीज की कीमत की तो इसके 20 किलो का पैकेट फिलहाल 20 फीसदी छूट के साथ मात्र 1200 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से गेहूं की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
गेहूं की खेती के लिए सबसे पहले खेत को अच्छे से जोतकर तैयार करें. फिर 25 सितंबर से 25 नवंबर के बीच बीज उपचार करके बुवाई करें. बीज उपचार करने के लिए बीज को कार्बेंडाजिम 50% W जैसे किसी रसायन से उपचारित करें. समय पर बुवाई के लिए 40 किलो प्रति एकड़ बीज की जरूरत होती है. वहीं, बुवाई की बात करें तो लाइन से लाइन की दूरी 22-25 सेमी रखते हुए सीड ड्रिल से बीज बोएं. बुवाई के समय डीएपी, यूरिया और पोटाश जैसी खाद डालें. उसके बाद फसल को 3-4 बार पानी दें.
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