राजनांदगांव में बनेगा गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलने की उम्मीद

राजनांदगांव में बनेगा गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलने की उम्मीद

सीएम विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर राजनांदगांव में गेल के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट पर चर्चा की. सीएम ने कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रोजगार, सहायक उद्योगों और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा.

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राजनांदगांव में बनेगा गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलने की उम्मीद

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट को लेकर राज्य सरकार ने इसे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह मेगा प्रोजेक्ट राजनांदगांव ही नहीं, बल्कि पूरे दुर्ग संभाग की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा.प्लांट के स्थापित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्टिलाइजर प्लांट शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. बड़ी औद्योगिक परियोजना के आसपास कई तरह की ancillary activities विकसित होती हैं, जिससे स्थानीय कारोबार और सेवाओं की मांग बढ़ती है. इसका सीधा लाभ क्षेत्र के युवाओं, छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिल सकता है.

किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलने की उम्मीद

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट का एक महत्वपूर्ण लाभ किसानों को भी मिलेगा. प्लांट के शुरू होने से प्रदेश में उर्वरक की उपलब्धता मजबूत होगी और किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इससे कृषि क्षेत्र में उर्वरक की आपूर्ति को लेकर दबाव कम करने और किसानों की लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है.

उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में इस तरह की बड़ी औद्योगिक परियोजना आने से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा. स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर बनने के साथ ही परिवहन, भंडारण और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्र भी मजबूत होंगे.

राजनांदगांव से पूरे दुर्ग संभाग को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री के मुताबिक, परियोजना का असर केवल राजनांदगांव तक सीमित नहीं रहेगा. प्लांट के संचालन के साथ राजनांदगांव समेत पूरे दुर्ग संभाग में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है. औद्योगिक निवेश बढ़ने से स्थानीय बाजार, परिवहन व्यवस्था और विभिन्न सहायक सेवाओं के विस्तार को भी गति मिल सकती है.

सरकार का जोर ऐसी परियोजनाओं पर है, जिनसे बड़े निवेश के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी पैदा हों. राजनांदगांव का प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को प्राथमिकता दे रही है. सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में आने वाला निवेश केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित न रहे, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी मजबूती मिले.

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

केंद्र-राज्य के समन्वय से बढ़ रहा औद्योगिक निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए नए निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है. सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसे निवेश को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय संसाधनों और मानव संसाधन का बेहतर उपयोग हो तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलें.

उन्होंने कहा कि हर नया निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और क्षेत्रीय समृद्धि का जरिया बने, यही राज्य सरकार की प्राथमिकता है.राजनांदगांव का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट इसी विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

रोजगार से लेकर कृषि तक व्यापक असर

गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट के प्रस्ताव से राजनांदगांव में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है. परियोजना के शुरू होने पर प्रत्यक्ष रोजगार के साथ निर्माण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, सप्लाई और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन सकते हैं.

वहीं, उर्वरक उत्पादन की स्थानीय क्षमता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. इस तरह यह परियोजना उद्योग, रोजगार, स्थानीय कारोबार और किसानों—चारों स्तरों पर असर डालने वाली परियोजना के रूप में सामने आ सकती है.

 

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