देसी तरीके से भगाएं नीलगायभारत में रबी सीजन के दौरान गेहूं की खेती बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है. इस समय किसान अपने खेतों में मेहनत से बीज बोते हैं, सिंचाई करते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद रखते हैं. गेहूं के साथ-साथ अरहर और दूसरी फसलें भी उगाई जाती हैं. लेकिन कई जगहों पर किसानों की यह मेहनत जंगली जानवरों की वजह से खराब हो जाती है. खासकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए नीलगाय एक बड़ी परेशानी बन गई है.
नीलगाय बहुत बड़े जानवर होते हैं और झुंड में खेतों में घुस जाते हैं. जब ये खेत में आती हैं तो खड़ी फसलों को रौंद देती हैं. गेहूं की बालियां टूट जाती हैं और पूरी फसल खराब हो जाती है. कई बार तो रात में ही महीनों की मेहनत बर्बाद हो जाती है. किसान बताते हैं कि पहले उन्हें नीलगाय की वजह से बहुत नुकसान उठाना पड़ा. इससे उनकी आमदनी कम हो गई और परिवार की चिंता बढ़ गई.
इसी बड़ी समस्या के बीच कुछ किसानों ने एक बहुत आसान और देसी तरीका अपनाया. उन्होंने गेहूं के खेत की मेढ़ यानी खेत की किनारी पर सूर्यमुखी की फसल लगाई. सूर्यमुखी एक ऐसा पौधा है जिसकी गंध नीलगाय को पसंद नहीं आती. जब नीलगाय खेत के पास आती हैं तो सूर्यमुखी की गंध से वे दूर चली जाती हैं. पिछले साल जब किसानों ने पहली बार यह तरीका अपनाया, तो उन्हें बहुत अच्छे नतीजे मिले.
जिन किसानों ने अपने खेत की मेढ़ पर सूर्यमुखी लगाया, उनके खेत पूरी तरह सुरक्षित रहे. आसपास के खेतों में नीलगाय ने फसल को नुकसान पहुंचाया, लेकिन सूर्यमुखी वाली मेढ़ के कारण नीलगाय उनके खेत में घुस ही नहीं पाईं. इस साल भी किसानों ने वही तरीका अपनाया है और फिर से अच्छा परिणाम मिला है. यह तरीका समझने में भी बहुत आसान है और अपनाने में भी.
इस देसी तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें ज्यादा खर्च नहीं आता. किसानों को न तो महंगी बाड़ लगानी पड़ती है और न ही रात में खेत की रखवाली करनी होती है. सूर्यमुखी लगाने से फसल अपने आप सुरक्षित रहती है. साथ ही सूर्यमुखी के फूल और बीज बेचकर किसान को अतिरिक्त कमाई भी हो सकती है. यह तरीका पर्यावरण के लिए भी अच्छा है, क्योंकि इसमें किसी रसायन या नुकसानदायक चीज का इस्तेमाल नहीं होता.
किसानों का यह तरीका अब दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन रहा है. अगर किसान थोड़ी समझदारी और देसी ज्ञान का इस्तेमाल करें, तो बड़ी समस्याओं का हल आसानी से निकल सकता है. नीलगाय से फसल बचाने का यह सरल उपाय छोटे और बड़े सभी किसानों के लिए उपयोगी है. इससे किसानों की मेहनत सुरक्षित रहती है और उनकी आमदनी भी बढ़ सकती है.
ये भी पढे:
Red Chilli: जनवरी में खेती के लिए बेस्ट है मिर्च की ये लाल वैरायटी, सस्ते में यहां से मिलेंगे बीज
Gehun Gyan: छोटे पौधे, बड़ी पैदावार, गेहूं की इन उन्नत किस्मों से कमाएं लाखों का मुनाफा
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today