
अगर आप पराली को कूड़ा समझते हैं तो यह भारी भूल है. पराली ऐसी चीज है जिससे किसान कई मायनों में फायदे ले सकते हैं. अगर किसान इसका ठीक से प्रबंधन करें तो इससे फसल की उपज बढ़ाई जा सकती है. इससे फसल की पैदावार बढ़ सकती है.

आप चाहें तो पराली से घर पर ही खाद बना सकते हैं. आपको पराली जलाने की कतई जरूरत नहीं. बस आपको जानना है कि पराली से कैसे खाद बना सकते हैं. इसके लिए आपको पराली जुटानी होगी और उसे सड़ा कर खाद बना सकते हैं. यह खाद फसलों को फायदा पहुंचाएगी.

आप घर बैठे पराली से कंपोस्ट बना सकते हैं. इसी में एक है नाडेप कंपोस्ट जिसे बनाकर किसान आसानी से कमाई कर सकते हैं. यह ऐसा कंपोस्ट है जिसकी मांग बहुत है और इसे बेचकर किसान अच्छी कमाई ले सकते हैं. बस आपको अपनी पराली बचाकर रखनी है और उससे कंपोस्ट बनाना है.

किसान अपनी पराली से घर बैठे वर्मी कंपोस्ट बना सकते हैं. इस वर्मी कंपोस्ट से किसान की कमाई बढ़ जाएगी क्योंकि शहर से लेकर देहात तक इस खाद की भारी मांग है. लोग इसे घर पर बनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. आप भी पराली से वर्मी कंपोस्ट बनाकर कमाई बढ़ा सकते हैं.

पराली को आपको कूड़ा या बेकार की घास नहीं समझनी चाहिए. पराली ऐसी चीज है जिसे खेतों में ऑर्गेनिक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. जुताई से पहले उस पराली को मिट्टी में दबा दें. यही पराली सड़कर खाद में तब्दील हो जाएगी. यह खाद आपके लिए ऑर्गेनिक खेती में मदद करेगी.

अगर आप केंचुआ खाद बनाना चाहते हैं तो आपके लिए पराली बहुत अच्छा विकल्प है. केंचुआ खाद बनाने के लिए भूसा या पराली की अधिक जरूरत होती है. इसी से केंचुए पनपते हैं. आप चाहें तो घर बैठे इस पराली को बेचकर कमाई कर सकते हैं. केंचुआ खाद बनाने वाली आपकी पराली को खरीद लेंगे.

पराली को जला देने से उसका कोई फायदा नहीं होता. यहां तक कि धुएं से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. लेकिन उसी पराली को खेत में छोड़ दें तो वह सड़कर खाद का काम करती है. इससे खेत उपजाऊ बनता है. इससे खेत में लगने वाली खाद की मात्रा कम होती है. इससे किसानों का खर्च बचता है.

इन सभी फायदों को देखते हुए आप कह सकते हैं कि पराली किसानों के लिए कूड़ा नहीं बल्कि कमाई का बेहतर जरिया है. एक तरह से इसे पैसा भी बोल सकते हैं क्योंकि पराली का सही ढंग से प्रबंधन करें तो उससे काफी अच्छी कमाई हो सकती है. बस जरूरत है किसानों को इस बात को समझने की.
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