IHBT Palampur: देश में प्लास्टिक का इस्तेमाल एक बड़ी परेशानी बन चुका है. ड्रेनेज सिस्टम को ब्लाक करने के साथ ही प्लास्टिक का वेस्ट (Plastic) मिट्टी को भी खराब कर रहा है. खासतौर पर गाय के लिए प्लास्टिक जानलेवा साबित हो रही है. साइंटिस्ट का दावा है कि 40 फीसद प्लासटिक ऐसी है जो नष्ट ही नहीं होती है और हमारे वातावरण में बने रहकर उसे नुकसान पहुंचाती है. लेकिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयो रिसोर्स टेक्नोनलॅजी (Indian Biological Sciences and Research Institute), पालमपुर, हिमाचल प्रदेश (Himachal) ने एक ऐसी प्लाीस्टिक बनाई है जो तीन महीने बाद खुद से ही नष्ट हो जाती है. और खास बात यह है कि अगर गाय इसे खा भी ले तो उसे कोई नुकसान नहीं होगा.
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