किसान तक का इलेक्शन कारवां जारी है. इसी यात्रा में हमारा अगला पड़ाव आया अलवर की प्रसिद्ध झील सिलीसेढ़ में. ये झील 12 महीने पर्यटकों से गुलज़ार रहती है. लेकिन बारिश के बाद झील के कैचमेंट एरिया में पानी भरने पर यहां निषाद बिरादरी के लोग सिंघाड़े की खेती करते हैं. इन्हीं के बीच पहुंचा है किसान तक. हमने उनसे इस काम में आ रही परेशानियों और उनके काम के तरीके को समझा. ये लोग पूरे परिवार के साथ अगले एक-दो महीने के लिए झील किनारे झुग्गी बनाकर ही रहते हैं. साथ ही सिंघाड़ा उगाने वाले लोगों का कहना है कि हमारे लिए किसी तरह की सरकारी सब्सिडी नहीं है. ना ही सरकार हमें किसान मानती है. देखिए ये वीडियो.
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