हाथी ने रौंदी गन्ने की फसलउत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जंगली हाथियों का झुंड किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचे हाथियों ने गन्ने की फसल को पैरों तले रौंद दिया. इससे 14 बीघा से ज्यादा गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है. सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो जमीन पर बिखरी और कुचली हुई फसल देखकर परेशान हो गए. खेत में बर्बाद हुई फसल के बीच एक बुजुर्ग किसान सिर पकड़कर बैठ गया. उसकी सालभर की मेहनत आंखों के सामने बर्बाद हो चुकी थी. यह मामला बिजनौर के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव का है.
ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल से निकलकर जंगली हाथियों का झुंड गांव के आसपास स्थित खेतों में पहुंच गया. हाथियों ने गन्ने के खेतों में घुसकर फसल को बुरी तरह रौंद दिया. इस घटना में किसान राजेश पाल, राजपाल सिंह, बलराज सिंह और राजेंद्र सिंह समेत अन्य किसानों की 14 बीघा से अधिक गन्ने की फसल प्रभावित हुई है. घटना के बाद किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है.
गन्ने की खेती में किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. इसके बाद फसल तैयार होने पर उन्हें गन्ने की बिक्री से आमदनी की उम्मीद रहती है. ऐसे में तैयार हो रही फसल का जंगली हाथियों द्वारा रौंदा जाना किसानों के लिए बड़ा झटका है. खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिरने से किसानों की मेहनत के साथ उनकी संभावित कमाई पर भी असर पड़ा है.
इनायतपुर गांव में हाथियों के खेतों में पहुंचने का वीडियो भी सामने आया है. ग्रामीणों ने हाथियों की मौजूदगी को कैमरे में कैद किया है. जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौती बनी हुई है.
ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों के दोबारा खेतों में पहुंचने से उनकी बची हुई फसल को भी नुकसान हो सकता है. खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए हाथियों की मौजूदगी सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करती है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने प्रभावित खेतों में जाकर गन्ने की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नुकसान के आधिकारिक आकलन, किसानों को मुआवजा देने या आगे की कार्रवाई को लेकर वन विभाग का कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. (रितिक राजपूत की रिपोर्ट)
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