Rice Pro­cure­ment: पंजाब में कम खरीद के बाद भी चावल का स्‍टॉक फुल, 3 महीनों में ही बना यह रिकॉर्ड

Rice Pro­cure­ment: पंजाब में कम खरीद के बाद भी चावल का स्‍टॉक फुल, 3 महीनों में ही बना यह रिकॉर्ड

अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान चावल की कुल खरीद 333.72 लाख टन तक पहुंच गई. यह पिछले साल इसी समय में 312.60 लाख टन थी. सरकार ने 2025-26 सीजन में खरीफ में उगाई गई फसल से 463.49 लाख टन चावल खरीदने का टारगेट रखा है. पूरे 2024-25 में पूरे भारत में असल चावल की खरीद 545.22 लाख टन थी. चावल का खरीद सीजन अक्टूबर से शुरू होता है और खरीद का समय हर राज्य में फसल के पैटर्न के आधार पर अलग-अलग होता है.

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Rice Pro­cure­ment: पंजाब में कम खरीद के बाद भी चावल का स्‍टॉक फुल, 3 महीनों में ही बना यह रिकॉर्ड

चावल की खरीद इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी, ऐसी संभावना विशेषज्ञों की तरफ से जताई गई है. मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन के पहले तीन महीनों में भारत में चावल की खरीद 7 प्रतिशत बढ़ी है. अब तक 72 परसेंट टारगेट पूरा हो चुका है. हालांकि यह बात भी गौर करने वाली है कि इस बार तीन बड़े योगदान देने वाले राज्यों पंजाब, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में आधिकारिक खरीद काफी कम हुई है. वहीं दूसरे राज्‍यों जैसे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अनाज की खरीद में उम्मीद से ज्‍यादा इजाफा हुआ है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी काफी उछाल आया है. इससे केंद्र को ज्‍यादा चावल खरीदने में मदद मिली है. 

अब तक कुल कितनी खरीद 

अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान चावल की कुल खरीद 333.72 लाख टन तक पहुंच गई. यह पिछले साल इसी समय में 312.60 लाख टन थी. सरकार ने 2025-26 सीजन में खरीफ में उगाई गई फसल से 463.49 लाख टन चावल खरीदने का टारगेट रखा है. पूरे 2024-25 में पूरे भारत में असल चावल की खरीद 545.22 लाख टन थी. चावल का खरीद सीजन अक्टूबर से शुरू होता है और खरीद का समय हर राज्य में फसल के पैटर्न के आधार पर अलग-अलग होता है. इस साल धान की जल्दी आवक के कारण, केंद्र ने पंजाब और हरियाणा में खरीद एजेंसियों को सितंबर के बीच से और तमिलनाडु में 1 सितंबर से खरीद शुरू करने की अनुमति दी. 

तमिलनाडु में बंपर खरीद 

दक्षिण के राज्‍य तमिलनाडु में खरीद पिछले साल के 3.62 लाख टन से 179 परसेंट बढ़कर 10.09 लाख टन हो गई है. इसकी वजह बंपर प्रोडक्शन और इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव हैं जिनकी वजह से राज्य सरकार का इस तरफ जोर ज्‍यादा है. तेलंगाना में भी 31 दिसंबर तक 28.25 लाख टन से 27.3 परसेंट बढ़कर 35.96 लाख टन और आंध्र प्रदेश में 10.82 लाख टन से 109.3 परसेंट बढ़कर 22.65 लाख टन हो गया है. पश्चिम बंगाल में, केंद्र इस साल 10.27 लाख टन चावल खरीद पाया है. यह आंकड़ा पहली बार है और पहले इस समय ऐसा बिल्कुल नहीं होता था. कुछ महीने बाद राज्य में चुनाव होने वाले हैं और कॉम्पिटिटिव पॉलिटिक्स की वजह से यह स्थिति है. 

यूपी में संभली स्थिति 

खरीफ सीजन में सबसे ज्‍यादा चावल का उत्‍पादन करने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में चावल की खरीद पहले दो महीनों में गिरावट के बाद बेहतर हुई है. खरीद 24.45 लाख टन तक पहुंच गई है.यह पिछले साल के 23.88 लाख टन से 2.4 प्रतिशत ज्‍यादा है. मध्य प्रदेश में भी खरीद 16.65 लाख टन से 35.3 प्रतिशत बढ़कर 22.52 लाख टन हो गई है. वहीं उत्तराखंड में 4.34 लाख टन से 15.4 प्रतिशत बढ़कर खरीद 5.1 लाख टन हो गई. 

हरियाणा करेगा डेटा में सुधार 

दूसरी तरफ, पंजाब, जो सेंट्रल पूल स्टॉक में सबसे ज्‍यादा चावल देता रहा है, ने 104.80 लाख टन चावल किसानों से खरीदा है.यह एक साल पहले के 116.13 लाख टन से 9.7 परसेंट कम है. आधिकारिक डेटा से पता चलता है कि हरियाणा को 35.96 लाख टन मिला, जबकि एक साल पहले यह 35.99 लाख टन था. सूत्रों की मानें तो डेटा में करेक्शन हो सकता है क्योंकि पिछले साल पूरे सीज़न में हरियाणा में कुल खरीद 36.17 लाख टन थी और राज्य में खरीद खत्म हो चुकी है.छत्तीसगढ़ की अगर बात करें तो 1 नवंबर को खरीद शुरू होने के बाद खरीद 52.84 लाख टन से 16.2 परसेंट कम होकर 44.26 लाख टन हो गई है. यह 31 जनवरी तक जारी रहने वाली है. 

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