आदिवासी किसानों की बड़ी छलांग, अदरक और कालाजीरा चावल की सप्लाई अब देशभर के बड़े बाजारों में

आदिवासी किसानों की बड़ी छलांग, अदरक और कालाजीरा चावल की सप्लाई अब देशभर के बड़े बाजारों में

ओडिशा के कोरापुट जिले के आदिवासी किसानों ने अपनी बागवानी उपज—सूखी अदरक, ताजी अदरक और कालाजीरा चावल—को कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा के बाजारों में भेजना शुरू कर दिया है. सरकारी संस्थाओं, पैलेडियम और प्रगति NGO की मदद से मिले मार्केट लिंकेज किसानों को 30–40% अधिक दाम दिला रहे हैं और ग्रामीण आय में बढ़ोतरी का नया अवसर पैदा कर रहे हैं.

Advertisement
आदिवासी किसानों की बड़ी छलांग, अदरक और कालाजीरा चावल की सप्लाई अब देशभर के बड़े बाजारों मेंअदरक की खेती में ओडिशा के किसानों को फायदा

ओडिशा के कोरापुट के आदिवासी किसानों ने कर्नाटक, पंजाब और हरियाणा के बाजारों में अपनी बागवानी की उपज भेजना शुरू कर दिया है. बुधवार को जिला लेवल के पशुपालन और मछली पालन मेले के दौरान नई खेपें भेजी गईं.

जैविक श्री फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की मदद से, लगभग 100 क्विंटल सूखी अदरक बेंगलुरु भेजी गई, 240 क्विंटल ताजा अदरक पंजाब के बाजारों में सप्लाई की गई, और 60 क्विंटल प्रीमियम कालाजीरा चावल हरियाणा में बेचा गया.

एक मीडिया बयान में कहा गया है कि इन मार्केट लिंकेज से किसानों को 30-40 परसेंट ज्यादा दाम मिलने में मदद मिलेगी, जिससे आदिवासी परिवारों को अच्छी आर्थिक मदद मिलेगी और आपसी सहयोग से चलने वाली मार्केटिंग में भरोसा मजबूत होगा.

किसानों को सरकारी मदद

यह पहल ओडिशा डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स एम्पावरमेंट की लीडरशिप में, ओडिशा डायरेक्टरेट ऑफ हॉर्टिकल्चर के गाइडेंस में शुरू की गई थी. खेती के इन काम को गेट्स फाउंडेशन के सपोर्ट से पैलेडियम द्वारा लागू किए गए PSFPO प्रोजेक्ट के तहत आसान बनाया गया था. टेक्निकल गाइडेंस, एग्रीगेशन प्लानिंग और कोऑर्डिनेटेड लॉजिस्टिक्स के जरिए, इस पहल ने किसान संस्थाओं को मजबूत किया और भरोसेमंद इंटरस्टेट मार्केट तक पहुंच बढ़ाई. 'बिजनेसलाइन' की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.

ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा

ओडिशा कोरापुट को बागवानी उत्पादन में अपने अग्रणी जिलों में से एक मानता है. कोरापुट के किसानों के प्रयास से पता चलता है कि मजबूत संस्थागत सपोर्ट, टेक्निकल गाइडेंस और आपसी सहयोग से ग्रामीण रोजगार को बढ़ा सकते हैं. बयान में कहा गया है कि यह पहल मजबूती से दिखाती है कि कैसे मार्केट लिंकेज की सुविधा आदिवासी किसानों को मजबूत बनाती है, इनकम के मौके बढ़ते हैं, और इससे पक्का होता है कि मार्केट उनके क्वालिटी प्रोडक्ट को इनाम देता है.

मार्केट लिंकेज का फायदा

कोरापुट के बागवानी के डिप्टी डायरेक्टर, सुदाम चंद्र बिस्वाल ने कहा, “पैलेडियम से टेक्निकल गाइडेंस और प्रगति NGO, जो जैविक श्री फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को मैनेज करता है, के आपसी प्रयासों से यह बड़ी कामयाबी मुमकिन हुई है. मार्केट लिंकेज किसानों के प्रोडक्ट के लिए सही दाम दिलाने का सबसे असरदार तरीका है, और आने वाले दिनों में हम किसान प्रोड्यूसर कंपनियों को मजबूत करने और कोरापुट के आदिवासी किसानों को देश भर के बड़े मार्केट से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.”

POST A COMMENT