धान खरीद (सांकेतिक तस्वीर)खरीफ और रबी की आगामी खरीद (प्रोक्योरमेंट) सीजन को देखते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से गेहूं और धान के मासिक उठान (लिफ्टिंग) की मात्रा बढ़ाने की मांग की है. राज्य सरकार का कहना है कि अगर समय पर अनाज का उठान नहीं हुआ तो नए सीजन में किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं और धान को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी. इसी वजह से पंजाब ने केंद्र से हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) अनाज उठाने की अपील की है.
मंगलवार को पंजाब सरकार के मंत्रियों के समूह (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) की बैठक हुई. इस बैठक में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल शामिल हुए. बैठक में वर्ष 2026-27 के धान खरीद सीजन और 2027-28 के गेहूं खरीद सीजन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य में खाद्यान्न का उठान उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा है. इससे आने वाले महीनों में भंडारण की समस्या और बढ़ सकती है.
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच पंजाब से कुल 75.67 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उठान किया गया है. इसमें 37.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 38.54 लाख मीट्रिक टन धान शामिल हैं.
हालांकि यह मात्रा बड़ी दिखाई देती है, लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि मौजूदा गति भविष्य की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है.
पंजाब के पास वर्तमान में 181 लाख मीट्रिक टन की ढके हुए गोदामों और साइलो में भंडारण क्षमता है. इसके अलावा 68 लाख मीट्रिक टन अनाज खुले स्थानों पर रखा जा सकता है. सरकार का कहना है कि यदि केंद्र सरकार अनाज का उठान तेज नहीं करती है तो नए खरीद सीजन में गोदाम भर जाएंगे और किसानों से खरीदे गए अनाज को सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है.
बैठक में बताया गया कि पंजाब सरकार कई बार केंद्र से अनुरोध कर चुकी है कि हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उठान किया जाए. लेकिन फिलहाल औसतन केवल 5 लाख मीट्रिक टन प्रति माह ही अनाज उठाया जा रहा है. सरकार का मानना है कि इतनी कम गति से उठान होने पर भंडारण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.
इस समस्या के समाधान के लिए पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि वह जल्द ही केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री से मुलाकात करेगी. इस दौरान खाद्यान्न के तेज उठान के साथ-साथ खरीद व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
आगामी खरीफ खरीद सीजन के लिए पंजाब सरकार ने केंद्र से 180 लाख मीट्रिक टन धान को केंद्रीय पूल में खरीदने का लक्ष्य तय करने का अनुरोध किया है. किसानों से धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,462 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी.
सरकार ने बताया कि कस्टम मिलिंग पॉलिसी का मसौदा मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया है. वहीं, केंद्र सरकार से उम्मीद है कि रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए पंजाब में 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया जाएगा.
अगर केंद्र सरकार पंजाब की मांग मानकर हर महीने अनाज का उठान बढ़ा देती है, तो राज्य में गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध रहेगी. इससे धान और गेहूं की खरीद बिना किसी बाधा के हो सकेगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी. वहीं, यदि उठान की रफ्तार नहीं बढ़ी, तो नए खरीद सीजन में भंडारण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी रहेगी.
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