मशरूम के जरिए ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारीकम लागत में अच्छी कमाई का रास्ता दिखाने के लिए कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसएयूएटी) में मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 सितंबर यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है. यह प्रशिक्षण उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो खेती के साथ कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या घर बैठे स्वरोजगार की तलाश में हैं. इसी क्रम में पादप रोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी व्यक्ति (किसान, छात्र एवं शहरी लोग) जो मशरूम की खेती या व्यवसाय करना चाहते हैं, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है.
उन्होंने बताया कि हमारा देश कृषि प्रधान है और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य उद्योगों में भी प्रशिक्षण देना जरूरी है. डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग एस्टर, बटन या मिल्की मशरूम की खेती शुरू कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में विस्तार से प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उगाने के विभिन्न प्रकार के प्रयोग (प्रैक्टिकल) भी कराए जाएंगे. मुकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मशरूम उत्पादन से जुड़कर लोग न सिर्फ खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी काम दे सकते हैं.
नोडल अधिकारी डॉ. श्रीवास्तव ने आगे बताया कि प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए 1500/- रुपए पंजीकरण शुल्क के साथ अपनी आईडी (आधार की कॉपी) एवं एक स्वयं की पासपोर्ट साइज फोटो देनी होगी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अगर कोई किसान बाहर से आता है, तो उसे रुकने की व्यवस्था होगी, लेकिन उसके लिए प्रशिक्षणार्थी को स्वयं खर्चा वहन करना होगा.
उधर, विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने बताया कि सफलतापूर्वक प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे. अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9839818899 एवं 8218483463 पर संपर्क कर सकते हैं.
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