लहसुन की कीमत में बढ़ोतरी. (सांकेतिक फोटो)महंगाई है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है. एक चीज सस्ती होती है, तब तक दूसरे खाद्य पदार्थ महंगे हो जाते हैं. अभी गोवा की राजधानी पंजी में हरी सब्जियां काफी महंगी हो गई हैं. कहा जा रहा है कि भारी बारिश के चलते पंजी में सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हुई है. इनकी कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. प्याज की कीमतें पिछले सप्ताह के 35 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं. इसी तरह, लहसुन भी महंगा हो गया है. इसकी कीमतें 400 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों ने पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण आपूर्ति में समस्या आने के कारण प्याज और लहसुन की कीमतों में वृद्धि को जिम्मेदार ठहराया है. व्यापारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों में बाढ़ के कारण परिवहन चुनौतियों के कारण इन आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है. गोवा में बुधवार को 24 घंटे में 93.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और परिवहन बाधित हो गया.
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सब्जी विक्रेता अलादीन शेख ने कहा कि गोवा मुख्य रूप से महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के बेलगावी से प्याज की आपूर्ति पर निर्भर करता है. भारी बारिश ने प्याज के समय पर परिवहन में गंभीर बाधा उत्पन्न की है, जिसके चलते कीमतों में वृद्धि हुई है. मौसम की ताजा उपज जल्द ही कटने की उम्मीद है, लेकिन प्रतिकूल मौसम की स्थिति से फसल को नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि साल दर साल खेती का रकबा घटता जा रहा है, जिससे मामला और जटिल होता जा रहा है. एक अन्य विक्रेता ने कहा कि नवंबर या दिसंबर तक कीमतों में स्थिरता नहीं आ सकती है. उपभोक्ताओं को आने वाले महीने में लगातार उच्च लागतों के लिए तैयार रहना होगा.
वहीं, कुछ दिन पहले खबर सामने आई थी कि प्याज के बाद अब टमाटर भी महंगा हो गया है. 15 दिन पहले तक 40 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर की कीमत अब 60 से 80 रुपये हो गई है. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. कीमतों में बढ़ोतरी के चलते कई परिवारों ने तो टमाटर खरीदना ही छोड़ दिया है. बात अगर महाराष्ट्र की करें, तो पुणे और नारायणगांव स्थित कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में भी टमाटर का होलसेल रेट काफी बढ़ गया है. एपीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण टमाटर के उत्पादन में गिरावट आई है. इसके चलते कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है.
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