धान की खरीदकेरल सरकार ने धान किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सरकार ने धान की खरीद का काम कोऑपरेटिव सोसाइटियों को सौंपने का फैसला किया है, जिससे किसानों पर केंद्रित दो-स्तरीय सिस्टम लागू होगा. इसका सीधा मकसद किसानों को उनकी फसल का जल्द पेमेंट मिलना और देरी को कम करना है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि यह फैसला मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया.
सरकार ने कहा कि समय पर खरीद से फसल खराब होने से बचेगी और किसानों को खरीद के समय ही पेमेंट मिल जाएगा. यह नया मॉडल प्राइमरी एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जरिए लागू किया जाएगा और आने वाले सीजन से लागू होगा. इस सिस्टम के तहत, जो प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसाइटी खरीद के लिए तैयार हैं, वे सीधे किसानों से धान खरीदेंगी.
सरकार ने कहा कि इस कदम से पैडी रिसीट शीट (PRS) आधारित लोन पर निर्भरता खत्म होगी और यह तय होगा कि किसानों को खरीद के तुरंत बाद पेमेंट मिल जाए. ज़िला या तालुका स्तर पर कोऑपरेटिव, पदासे खरा समितियों और किसानों की शेयरहोल्डिंग भागीदारी से नोडल कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाई जाएंगी. साथ ही धान को कोऑपरेटिव के ज़रिए स्थानीय स्तर पर इकट्ठा किया जाएगा और नोडल सोसाइटियों के स्वामित्व वाली मिलों, किराए पर ली गई मिलों, या प्राइवेट मिलों में प्रोसेस किया जाएगा.
निर्धारित आउट-टर्न अनुपात के अनुसार, प्रोसेसिंग के बाद चावल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को सप्लाई किया जाएगा. टूटे चावल, भूसी और चोकर जैसे बाय प्रोडक्ट, साथ ही प्रोसेसिंग चार्ज, जो अभी प्राइवेट मिलों को मिलते हैं, वे भी नोडल कोऑपरेटिव को मिलेंगे.
जिन कोऑपरेटिव के पास सरप्लस फंड नहीं है, उन्हें सपोर्ट करने के लिए सरकार केरल बैंक के ज़रिए एक विशेष वित्तीय सहायता लोन योजना शुरू करेगी.नोडल सोसाइटियों को ज़रूरी वर्किंग कैपिटल लोन भी बैंक के ज़रिए दिए जाएंगे. जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जिला-स्तरीय समन्वय समिति कार्यान्वयन की देखरेख करेगी. समिति में सहकारिता, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और कृषि विभागों, किसान समूहों, केरल बैंक और नोडल कोऑपरेटिव के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
खरीद और फंड वितरण की निगरानी के लिए एक डिजिटल पोर्टल स्थापित किया जाएगा. वहीं, लंबे समय में कोऑपरेटिव ब्रांडिंग से कीमतों में स्थिरता और वैल्यू एडिशन आने की उम्मीद है, और राज्य के अपने चावल ब्रांड, 'केरल राइस' को लॉन्च करने का रास्ता साफ होगा. वित्त मंत्री के एन बालगोपाल, सहकारिता मंत्री वी एन वासवानी, खाद्य मंत्री जी आर अनिल, कृषि मंत्री पी प्रसाद, जल संसाधन मंत्री के कृष्णनकुट्टी और स्थानीय स्वशासन मंत्री एम बी राजेश ने मुख्य सचिव डॉ. ए जयतिलक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया. (PTI)
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