ओलावृष्टि और तूफान से तबाही: फरीदकोट में 19 हजार एकड़ धान-बासमती फसल प्रभावित, किसान की मौत

ओलावृष्टि और तूफान से तबाही: फरीदकोट में 19 हजार एकड़ धान-बासमती फसल प्रभावित, किसान की मौत

पंजाब के फरीदकोट जिले में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है. करीब 19 हजार एकड़ धान और बासमती की फसल प्रभावित हुई है. चक्क कल्याण गांव में शेड गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि दो राइस मिलों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है. किसान सरकार से जल्द गिरदावरी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

Advertisement
ओलावृष्टि और तूफान से तबाही, फरीदकोट में 19 हजार एकड़ धान-बासमती फसल प्रभावितफरीदकोट में बेमौसम बारिश का कहर

पंजाब में धान कटाई के सीजन के बीच आई तेज आंधी, तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. फरीदकोट जिले में 15 अक्टूबर की शाम आए खराब मौसम ने खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान और बासमती की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कृषि विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार जिले में करीब 19 हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई है. सबसे अधिक नुकसान कोटकपूरा और जैतो तहसील के 18 से 19 गांवों में दर्ज किया गया है.

ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण कई जगह खेतों में खड़ी धान और बासमती की फसल जमीन पर बिछ गई. फसल के दाने झड़कर खेतों में गिर गए, जबकि बारिश के बाद जलभराव ने नुकसान को और बढ़ा दिया. किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत कुछ घंटों में बर्बाद हो गई और कई जगहों पर फसल का लगभग पूरा नुकसान हुआ है.

तूफान ने भारी तबाही मचाई

गांव वांदर जटाणा के किसान संदीप सिंह ने बताया कि तूफान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है. खेतों में खड़ी सोने जैसी फसल पूरी तरह खराब हो गई है. किसानों को अब अगली फसल की तैयारी करनी है, जिसके लिए आर्थिक सहायता की जरूरत होगी. उन्होंने सरकार से जल्द सर्वे करवाकर मुआवजा जारी करने की मांग की.

वहीं, किसान शम्मी सिंह ने दावा किया कि ओलावृष्टि से उनकी 53 एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे उन्हें करीब 45 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी नुकसान का जायजा ले चुके हैं और अब किसानों को सरकारी राहत का इंतजार है.

जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने बताया कि विभागीय टीमों के निरीक्षण में करीब 19 हजार एकड़ फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन सर्वे पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा. उन्होंने बताया कि धान सीजन में इस प्रकार की ओलावृष्टि लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है.

किसान की मौत

इस प्राकृतिक आपदा के दौरान गांव चक्क कल्याण में एक दुखद हादसा भी हुआ. किसान गुरबख्श सिंह अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे, तभी शेड गिर गया और उसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. इसके अलावा गांव वांदर जटाणा की दो राइस मिलों को भी भारी नुकसान हुआ. तेज हवाओं से उनके शेड उखड़ गए, जिससे मिल संचालकों ने करीब 4 करोड़ रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई है.

प्रभावित किसानों ने सरकार से विशेष गिरदावरी कराकर जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे आगामी फसलों की बुवाई की तैयारी कर सकें. कृषि विभाग और जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का सर्वे कर रही हैं और जल्द ही रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी.

POST A COMMENT