
पोषक तत्वों से भरपूर सहजन सेहत के लिए बहुत गुणकारी माना जाता है. इसमें विटामिन सी, विटामिन ई, कैल्शियम और आयरन जैसे न्यूट्रिएंट पाए जाते हैं, जिसकी वजह से इसे हर कोई खाना चाहता है. ऐसे में न सिर्फ साल भर इसकी मांग बनी रहती है बल्कि दाम भी अच्छा मिलता है. इसके चलते किसान इसकी खरीफ सीजन में खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं जानिए इसकी खेती के बारे में सबकुछ

सहजन की खेती को नकदी और व्यावसायिक लाभ देने वाली फसल भी माना जाता है. बाजार में सहजन के फूल और छोटे-छोटे सहजन से लेकर बड़े सहजन के फलों का अच्छा दाम मिलता है. इसके अलावा सहजन के बीजों से तेल निकाल कर उसे भी उपयोग में लाया जाता है. इसकी फलियां साल में दो बार लगती हैं.

सहजन की खेती बंजर भूमि पर भी की जा सकती है. सहजन को एक बहुवर्षीय सब्जी देने वाले पौधे के रूप में भी जाना जाता है. एकड़ जमीन में आप सहजन के कम से कम 1200 बीज बो सकते हैं. इसकी खेती सभी प्रकार कि मिट्टी में क्या जा सकता हैं.

सहजन के बीजों की सीधे खेतों में रोपाई नहीं की जाती. पहले बीजों से नर्सरी में पौधे तैयार करते हैं. खेतों में पौधों की रोपाई जुलाई से अक्टूबर दौरान करनी चाहिए. क्योंकि बारिश के मौसम में पौधे तेज़ी से बढ़ते हैं और इन्हें सिंचाई की ज़रूरत भी नहीं पड़ती है.

सहजन के पौधों की मुख्य विशेषता यह हैं कि इसके एक बार बुवाई कर देने के बाद यह चार साल तक उपज देता हैं. इसके पौधों को अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं होती इसे घर के बगल में भी लगा सकते हैं.

बाज़ार में सहजन के फल, फूल और पत्तियों की मांग हमेशा रहती है. एक हेक्टेयर में सहजन के लगभग 400 से 500 पेड़ लगाए जा सकते हैं इसकी प्रति हेक्टेयर लागत 70-75 हज़ार रुपये आती है. सहजान के एक पेड़ से एक सीज़न में औसतन 200 से 300 फलियाँ प्राप्त होती हैं. इससे प्रति हेक्टेयर 1600 से 2000 किलो तक सहजन पैदा होता है, जो बाज़ार में एक से दो लाख रुपये तक बिकता है.
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