पशुओं को खिलाएं ये हरा चाराPulses Fodder गाय-भैंस से ज्यादा और क्वालिटी वाला दूध चाहिए तो फिर उनकी खुराक अच्छी होनी चाहिए. मौसम के हिसाब से खुराक में भी बदलाव होना चाहिए. ऐसा नहीं कि जो गर्मियों में खिला रहे हैं तो वो सर्दियों में भी खाने को दे रहे हैं. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि मौसम, पशु उत्पादन और पशुओं की हालात के हिसाब से उन्हें खुराक की जरूरत होती है. अगर हम इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं तो फिर पशु से ज्यादा और अच्छा प्रोडक्ट मिलने की उम्मीद कम ही रहती है. पशु के हालात और मौसम कैसा भी हो, लेकिन पशुओं को तीन तरह का चारा-दाना खिलाना बहुत जरूरी हो जाता है.
एक्सपर्ट के मुताबिक हरा चारा, सूखा चारा और दाना-मिनरल्स पशुओं की रोजाना की खुराक में शामिल होना चाहिए. लेकिन जरूरत बस इस बात कि है कि मौसम के हिसाब से चारे और मिनरल्स में बदलाव किया जाए. ज्यादा दूध उत्पादन और दूध में मौजूद फैट-एसएनएफ बढ़ाने के लिए भी ऐसा करना जरूरी हो जाता है. ऐसा इसलिए भी किया जाता है, क्योंकि मौसम के हिसाब से चारे, दाना और मिनरल्स के रेट में भी उतार-चढ़ाव होता रहता है. तो इसकी भरपाई के लिए एक्सपर्ट चारे और दाने में बदलाव कराते हैं.
अक्सर ऐसा होता है कि सर्दियों के मौसम में दाना महंगा हो जाता है. लेकिन ज्यादा और क्वालिटी के दूध उत्पादन के लिए दाने वाले पोषण की बहुत जरूरत होती है. बस इसी की भरपाई के लिए दाने की जगह दलहनी चारा खिलाना बहुत जरूरी हो जाता है. लेकिन ऐसा करते वक्त एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.
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