Buffalo Meat Export: भैंसों का वजन बढ़ाकर मीट एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी बढ़ाएगा भारत, पढ़ें डिटेल 

Buffalo Meat Export: भैंसों का वजन बढ़ाकर मीट एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी बढ़ाएगा भारत, पढ़ें डिटेल 

Buffalo Meat Export भारत का मीट एक्सपोर्ट 5 अरब डॉलर को भी पार कर गया है. वहीं विश्व में ऑर्गेनिक मीट का बाजार 80 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है. इसके तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इन सब को देखते हुए ही भारत के दखल को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. 

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Buffalo Meat Export: भैंसों का वजन बढ़ाकर मीट एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी बढ़ाएगा भारत, पढ़ें डिटेल A joint team of Bijnor and Jalaun police carried out the operation. (Representative Image)

विश्व में भैंस के मीट की डिमांड बढ़ रही है. कुल मीट उत्पादन के मामले में भारत चौथे नंबर पर है. कई बड़े देशों में भारत के मीट को बहुत पसंद किया जाता है. हाल ही में भैंस के मीट से जुड़ी एक रिपोर्ट आई थी. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से भैंस के मीट का एक्सपोर्ट बढ़ रहा है. वहीं भारत की कोशि‍श विश्व के मीट उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की है. इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. वहीं ऑर्गेनिक मीट के बाजार को ध्यान में रखते हुए भी आगे की तैयारी की जा रही है. 

मीट उत्पादन के आंकड़े को और बढ़ाया जाए इसके लिए भैंसों की जरूरत होगी, इस परेशानी को दूर करने के लिए ही भैंसों का वजन बढ़ाने की रिसर्च चल रही है. वजन बढ़ने से स्लॉटर हाउस को ज्यादा से ज्यादा रॉ मेटेरियल मिलने लगेगा. सेंट्रल बफैलो रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा के साइंटिस्ट इस पर रिसर्च कर रहे हैं. रिसर्च के तहत भैंसों की मसल्स को बढ़ाया जा रहा है. 

ऐसे बढ़ेगा भैंसों का वजन 

सीआईआरबी के साइंटिस्ट डॉ. धर्मेन्द्र ने किसान तक को बताया कि हमारे रिसर्च भैंस के बछड़े पर चल रही है. क्योंकि तीन महीने की उम्र तक बछड़े का वजन तेजी से बढ़ता है. बछड़े का औसत 400 से 500 ग्राम वजन रोजाना बढ़ता है. इस हिसाब से तीन महीने की उम्र में बछड़ा 70 से 75 किलो तक हो जाता है. जन्म के समय बछड़े का वजन 28 से 32 किलो तक होता है. लेकिन हमारी रिसर्च के बाद बछड़े का वजन तीन महीने की उम्र पर इससे ज्यादा जाएगा. रिसर्च के बाद तीन महीने की उम्र वाला बछड़ा 120 से 130 किलो तक का हो जाएगा.   

देश के मीट उत्पादन पर एक नजर  

मीट उत्पादन में भारत विश्व में 4वें स्थान पर है. 
साल 2025 में एक करोड़ टन से ज्यादा मीट उत्पादन हुआ. 
देश से सभी तरह का करीब 35 हजार टन मीट एक्सपोर्ट होता है. 
देश से सबसे ज्यादा बफैलो मीट एक्सपोर्ट होता है. 
देश में सबसे ज्यादा चिकन का उत्पादन होता है. 
साल 2025 में 52 लाख टन से ज्यादा चिकन उत्पादन हुआ.

टॉरगेट है 1.5 लाख करोड़ का बाजार 

विश्व में मीट का बड़ा बाजार है. सबसे बड़ा हलाल मीट का बाजार है. आज करीब 80 हजार करोड़ का कारोबार हो रहा है. साल 2033 तक इसके डबल यानि 1.5 लाख करोड़ होने की उम्मीद है. भारत की भी मीट बाजार में बड़ी हिस्सेदारी है. लेकिन इस बाजार में अब ऑर्गेनिक मीट की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. क्योंकि कई देशों में ऑर्गेनिक मीट का उत्पादन शुरू हो गया है. उत्पादन के साथ ही डिमांड भी बढ़ रही है. देश में भी ऑर्गेनिक मीट को लेकर तैयारी चल रही है. लेकिन परेशानी ये है कि पशुओं की न तो उस तरह से देखभाल हो रही है और न ही उन्हें मानकों के मुताबिक खाने को दिया जा रहा है. ऑर्गेनिक मीट वो होता है जिसमे पेस्टी साइड और एंटीबॉयोटिक्स दवाई के अंश न हों. 

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